एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन का हिस्सा बने विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला ने अपनी इस उपलब्धि से देश को गौरवान्वित किया है। आज उनकी चर्चा हर तरफ हो रही है। आइए आज हम उनकी शिक्षा पर एक नजर डालते हैं। आज हम आपको ये बताएंगे कि शुभांशु शुक्ला जैसे होनहार शख्स को किस स्कूल ने इतना होनहार बनाया। साथ ही ये भी बताएंगे कि उन्हें इस मिशन के लिए तैयार करने में उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण ने कितनी अहम भूमिका निभाई।
कहां से हुई स्कूलिंग?
बता दें कि शुभांशु शुक्ला यूपी के लखनऊ के रहने वाले हैं। उनका उनका जन्म 10 अक्टूबर 1985 को हुआ था। शुभांशु शुक्ला ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), अलीगंज कैंपस से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। यह वही स्कूल है जहां उनके माता-पिता, शंभु दयाल शुक्ला और आशा शुक्ला, ने 25 जून 2025 को उनके ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन, एक्सिओम-4 (Ax-4), के लॉन्च का लाइव प्रसारण देखा। स्कूल ने इस मौके पर ‘वयोमोत्सव’ नामक एक विशेष आयोजन किया, जिसमें शुभांशु के परिवार, शिक्षकों और हजारों छात्रों ने इस गौरवशाली पल को सेलिब्रेट किया। सिटी मोंटेसरी स्कूल (CMS) की स्थापना 1959 में हुई थी। इसकी गिनती दुनिया के सबसे बड़े स्कूलों में की जाती है। इसी स्कूल की प्रारंभिक शिक्षा ने उनके करियर की नींव रखी।

उच्च शिक्षा के लिए कहां गए?
इसके बाद शुभांशु का सिलेक्शन NDA में हो गया। जहां वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खडकवासला में अपनी उच्च शिक्षा के लिए गए। यहां से उन्होंने सैन्य और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त किया। NDA में उनकी ट्रेनिंग ने उन्हें भारतीय वायुसेना में एक फाइटर पायलट के रूप में करियर बनाने के लिए तैयार किया। शुभांशु की मेहनत और अनुशासन NDA में ही निखरकर सामने आई। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद की एयर फोर्स अकादमी में ट्रेनिंग पूरी की, जहां उन्हें फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ। उनकी इस ट्रेनिंग में उन्हें मिग-21 और सुखोई-30 जैसे विमानों को उड़ाना सिखाया गया।

ISRO का गगनयान प्रोग्राम
शुभांशु को गगनयान मिशन के लिए चुना गया था, जिसके तहत उन्होंने बेंगलुरु में ISRO के एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग फैसिलिटी में प्रशिक्षण लिया। इस दौरान उन्हें माइक्रोग्रैविटी, अंतरिक्ष यान संचालन और वैज्ञानिक प्रयोगों की ट्रेनिंग दी गई। शुभांशु ने रूस में भी गगनयान मिशन के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण प्राप्त किया।

NASA और Axiom Space के साथ प्रशिक्षण
एक्सिओम-4 मिशन के लिए शुभांशु ने NASA के जॉनसन स्पेस सेंटर में प्रशिक्षण लिया। यहां उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर वैज्ञानिक प्रयोगों, स्पेसवॉक और मिशन प्रोटोकॉल्स की ट्रेनिंग पूरी की। यहां शुभांशु शुक्ला को मिशन स्पेशलिस्ट के रूप में चुना गया। शुभांशु की शिक्षा और प्रशिक्षण में इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस और फिजिक्स से संबंधित विषय शामिल थे, जो अंतरिक्ष मिशन के लिए आवश्यक थे। वे भारतीय वायुसेना में टेस्ट पायलट भी रहे, जिसके लिए उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग इस्टैब्लिशमेंट में ट्रेनिंग ली।
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