पटना: बिहार में विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे सहित कई मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मुद्दे पर महागठबंधन के एक महत्वपूर्ण घटक दल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को हुई पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक में भी यह मुद्दा उठा। RLSP प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने इस बारे में कहा कि घटक दलों के बीच सहमति बनने में एक दिन की भी देरी नुकसानदायक है।
Related Stories
‘कार्यकर्ताओं में चिंता देखी जा रही है’
कुशवाहा ने प्रदेश की राजधानी पटना में कहा कि परिवर्तन चाहने वाली जनता महागठबंधन की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के सभी दल भी इस आशा की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन महागठबंधन में कई प्रश्नों पर स्पष्टता के अभाव में जनता और गठबंधन के दलों के कार्यकर्ताओं में चिंता भी देखी जा रही है। कुशवाहा ने कहा कि अब जरूरत है कि सभी घटक दल सहमति बनाकर चुनाव मैदान में चलें।
‘मांझी के जाने से हमें नुकसान हुआ है’
उन्होंने कहा, ‘गठबंधन की एकता और मजबूती के लिए राष्ट्रीय लोक समता पार्टी कोई भी योगदान देने के लिए तैयार है। इस काम में अब एक दिन भी विलंब नुकसानदेह है।’ RLSP के मुखिया ने कहा कि इसके लिए गठबंधन के अन्य दलों को भी तत्परता दिखानी चाहिए। कुशवाहा ने जीतन राम मांझी के गठबंधन से अलग होने के फैसले पर कहा, ‘मांझी का जाना महागठबंधन के लिए दुखद है और हमें नुकसान हुआ है। महागठबंधन का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए।’