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BJP शीर्ष नेतृत्व का दिल्ली इकाई को निर्देश- गुटबाजी की तो खैर नहीं

 Reported By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 02, 2020 09:11 pm IST,  Updated : Jan 02, 2020 09:11 pm IST

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली प्रदेश संगठन में गुटबाजी से चुनावी गतिविधियों पर पड़ रहे असर को देखते हुए खास एडवाइजरी जारी की है।

Amit Shah and PM Modi- India TV Hindi
Amit Shah and PM Modi

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व ने दिल्ली प्रदेश संगठन में गुटबाजी से चुनावी गतिविधियों पर पड़ रहे असर को देखते हुए खास एडवाइजरी जारी की है। पार्टी आलाकमान ने साफ कहा है कि आपसी लड़ाई में अगर चुनाव पर असर पड़ा तो फिर किसी की खैर नहीं होगी। पार्टी ने दिल्ली यूनिट के नेताओं को आपसी मतभेद और मनभेद दोनों भुलाकर 21 वर्षों से दिल्ली की सत्ता में जारी वनवास खत्म करने के लिए जी-जान लगा देने को कहा है।

पार्टी सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में पूर्वांचल के मतदाताओं को जोड़ने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने नवंबर, 2016 में जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया, तब से कुछ स्थानीय नेता असंतुष्ट चल रहे हैं। नेताओं में आपसी मतभेद के कारण पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों में अधिकांश समय एक दूसरे की शिकायतों में निकल जाता है, बहुत कम ऐसे मौके आए जब टीम वर्क की तरह काम हुआ।

हालांकि रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 दिसंबर की रैली इसका अपवाद रही। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम होने के कारण यहां दिल्ली के सभी नेताओं ने भीड़ लाने में सहयोग किया, जिससे यह रैली हिट रही। मगर हाल में 30 दिसंबर को तालकटोरा स्टेडियम में जब पार्टी ने व्यापारियों का सम्मेलन किया तो इसमें अपेक्षित भीड़ नहीं जुटी। ज्यादातर कुर्सियां खाली रहीं। इसी तरह कनॉट प्लेस में 28 दिसंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में दिल्ली इकाई ने केजरीवाल सरकार के रिपोर्ट कार्ड के जवाब में 'झूठ और विश्वासघात की आप सरकार' नाम से आरोपत्र जारी किया था। इसमें भी ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई थी।

सूत्रों का कहना है कि दिल्ली भाजपा में कई गुट हैं। प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा राज्यसभा सांसद विजय गोयल के बीच कई मौकों पर मतभेद उजागर हो चुके हैं। दक्षिणी दिल्ली से सांसद रमेश बिधूड़ी भी कई मौकों पर संगठन को लेकर भड़ास निकाल चुके हैं। पार्टी के कुछ और सांसदों की अपनी-अपनी शिकायतें हैं। इस वक्त दिल्ली भाजपा में तीन से चार पॉवर सेंटर बने हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इन सब हालात से शीर्ष नेतृत्व बेखबर नहीं है। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव कार्यक्रम जारी होने से पहले ही पार्टी आलाकमान ने एडवाइजरी जारी कर दी है।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष के साथ दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रभारी बनाए गए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली यूनिट के नेताओं को जारी एडवाइजरी में स्पष्ट कहा है कि टीम वर्क से चुनाव में काम करें। असहयोग करने वाले नेताओं को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई पार्टी करेगी।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "लोकसभा चुनाव से पहले भी इस तरह की शिकायतें पार्टी नेतृत्व को मिलीं थीं। तब अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली के सभी नेताओं की स्पेशल मीटिंग लेकर गुटबाजी से दूर रहने को कहा था। बावजूद इसके अब तक हालात नहीं सुधरे हैं, जिससे अब जाकर फिर से नसीहत जारी करनी पड़ी है।"

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