नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों के बीच पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस में वार-पलटवार का दौर जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर लगातार हमले बोल रहे हैं। ताजा मामले में भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को जाधवपुर में रैली की इजाजत नहीं दी। पार्टी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पार्टी को निशाना बनाने के तृणमूल कांग्रेस के कथित अलोकतांत्रिक तरीकों का मात्र ‘मूक दर्शक’ बन कर रह गया है।
Related Stories
बीजेपी मीडिया प्रमुख एवं राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि पार्टी विरोध प्रदर्शन करेगी और निर्वाचन आयोग का दरवाजा भी खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि शाह की रैली सोमवार को जाधवपुर में होनी थी, जहां लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है। राज्य प्रशासन ने इसकी अनुमति देने से अंतिम मिनट पर इनकार कर दिया। बलूनी ने कहा कि शाह के हेलीकॉप्टर को उतरने के लिए दी गई अनुमति भी वापस ले ली गई है। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि निर्वाचन आयोग राज्य में इस तरह की घटनाओं और तृणमूल द्वारा किए जा रहे हिंसा के इस्तेमाल का केवल मूल दर्शक बन गया है।’
बलूनी ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ दल बीजेपी को निशाना बनाने के लिए अलोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की सभी 42 लोकसभा सीटों पर 7 चरणों में मतदान हो रहा है। सूबे में वोटिंग के दौरान हर फेज में हिंसा हुई है और इसके ज्यादातर शिकार भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। भगवा दल ममता सरकार पर किसी तानाशाह की तरह बर्ताव करने का आरोप लगाता रहा है। आपको बता दें कि आम चुनाव के आखिरी चरण में राज्य की 9 सीटों पर 19 मई को मतदान होना है। मतों की गिनती 23 मई को की जाएगी।