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TMC से बगावत कर BJP में शामिल हुए जितेंद्र तिवारी, पहले हो गए थे मायूस

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Mar 02, 2021 09:35 pm IST,  Updated : Mar 02, 2021 09:35 pm IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का पार्टी छोड़ना जारी है। इसी क्रम में पश्चिम बर्धमान जिले के पंडावेश्वर से दो बार के पार्टी विधायक एवं आसनसोल के पूर्व महापौर जितेंद्र तिवारी मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए।

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TMC से बगावत कर BJP में शामिल हुए जितेंद्र तिवारी, पहले हो गए थे मायूस Image Source : ANI

हुगली (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से नेताओं का पार्टी छोड़ना जारी है। इसी क्रम में पश्चिम बर्धमान जिले के पंडावेश्वर से दो बार के पार्टी विधायक एवं आसनसोल के पूर्व महापौर जितेंद्र तिवारी मंगलवार को भाजपा में शामिल हो गए। तिवारी ने तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ बगावत की थी लेकिन भाजपा द्वारा पिछले साल दिसंबर में उन्हें पार्टी में शामिल करने से इनकार करने के बाद वह मायूस हो गए थे। 

वह हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश प्रमुख दिलीप घोष की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा, ‘‘मैं भाजपा में शामिल हुआ हूं क्योंकि मैं राज्य के विकास के लिए काम करना चाहता हूं। तृणमूल कांग्रेस में रहते हुए काम करना संभव नहीं था।’’गौरतलब है कि 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए चुनाव 27 मार्च से 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में होंगे। वहीं, वोटों की गिनती दो मई को होगी।

सभी विपक्षी दल राज्य में आठ चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जाने की चुनाव आयोग की घोषणा का स्वागत करते हैं। भाजपा ने चुनावों के ऐलान पर कहा था कि उसे उम्मीद है कि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस ने कहा था कि वह दस से 12 चरणों में चुनाव कराए जाने की उम्मीद कर रही थी, जबकि माकपा ने कहा था कि चुनाव अगर हिंसा मुक्त हों तो चरणों की संख्या मायने नहीं रखती है। 

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार ने कहा था, ‘‘हम खुश हैं। हमें उम्मीद है कि चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र होंगे और राज्य के लोगों को बिना किसी भय के अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी।’’ वहीं, राज्य कांग्रेस के नेता मनोज चक्रवर्ती ने कहा था कि चुनाव कम से कम 10 से 12 चरणों में होने चाहिए थे और आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। 

उन्होंने कहा था, ‘‘हमने देखा है कि बंगाल में किस तरह से पंचायत चुनाव हुए हैं। हिंसा के कारण कई लोग मारे गए। हम उम्मीद करते हैं कि चुनाव आयोग सुनिश्चित करेगा कि चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से हों।’’ माकपा के वरिष्ठ नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा था कि चरणों की संख्या बढ़ाने के बजाए चुनाव के दौरान सुरक्षा मजबूत करने के प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘केवल सात या आठ चरण काफी नहीं हैं। मतदाताओं को किसी भी तरह के भय या धमकी से मुक्त होना चाहिए।’’ 

लेकिन, तृणमूल कांग्रेस ने कहा था कि इतने चरण में चुनाव कराया जाना अभूतपूर्व है। टीएमसी के सांसद और प्रवक्ता सौगत राय ने कहा था, ‘‘यह उचित नहीं है। राज्य में इतने लंबे समय तक चुनाव कभी नहीं हुआ। चूंकि, भाजपा शिकायत कर रही है इसका यह मतलब नहीं है कि वे जो कह रहे हैं वह सच है। आठ चरणों के चुनाव से हम काफी नाखुश हैं।’’

(इनपुट- भाषा)

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