नई दिल्ली: नेस्ले कंपनी के मैगी के विज्ञापन करने के लिए अवहेलना झेल रहे बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने सफाई में कहा है कि उन्होनें दो साल पहले ही इस प्रोडक्ट का विज्ञापन करना छोड़ दिया था।
उन्होंने मैगी विवाद पर आज सफाई देते हुए कहा कि वे दो साल पहले ही इस कंपनी के विज्ञापन को छोड़ चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे कानून का साथ देंगे और अबतक उन्हें इस मामले में कोई नोटिस नहीं मिला है।
अमिताभ बच्चन मैगी के ब्रांड एंबेस्डर रह चुके हैं, और इस बावत बिहार की एक अदालत उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
72 वर्षीय अमिताभ ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मुझे अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। जैसे ही मुझे मिलेगा, मैं उसे अपने वकीलों के समक्ष रखूंगा। हम कानून के साथ पूरा सहयोग करेंगे।"
उन्होंने कहा, "मैं यह भी कहना चाहता हूं कि मैंने मैगी का विज्ञापन करना दो साल पहले ही बंद कर दिया था। मैं अब इसका विज्ञापन नहीं करता। मैं अब इस उत्पाद के साथ नहीं जुड़ा हूं।"
मैगी का विज्ञापन करने के कारण अन्य बॉलीवुड अभिनेत्रियां- माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा भी कानूनी पचड़े में पड़ गई हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में मैगी के सैंपल में हानिकारक पदार्थ मिलने के बाद बॉलिवुड के सितारों पर इसकी आंच आनी शुरु हो गयी है।
उत्तर प्रदेश में एफडीए ने मैगी के पैकेट्स में खतरनाक स्तर तक जिंक मिलने एवं इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट की तय सीमा का उल्लंघन होने का खुलासा होने के बाद मार्च 2014 में मैगी के पैकेटों को बाजार से वापस लेने की मांग की।