हिंदी सिनेमा के सरताज और अभिनय के शहंशाह कहे जाने वाले दिलीप कुमार साहब का आज निधन हो गया। निधन की पुष्टि अभिनेता के भतीजे रेहान अहमद ने इंडिया टीवी से की। दिलीप कुमार का इंतेकाल (7 जुलाई) को सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर हुआ। अभिनेता पिछले कुछ दिनों से उम्र से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे थे और उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दिलीप कुमार के निधन की खबर से बॉलीवुड में शोक पसर गया है। राजनीतिक जगत की हस्तियां भी उनके निधन पर शोक व्यक्त कर रही हैं। दिलीप कुमार को जुहू के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।


दिलीप कुमार के पारिवारिक मित्र फैजल फारुखी ने आज सुबह ट्वीट के जरिए उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने लिखा- बहुत भारी दिल से ये कहना पड़ रहा है कि अब दिलीप साब हमारे बीच नहीं रहे।
दिग्गज अभिनेता को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दिया जाएगा।
दिलीप कुमार को 30 जून को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी सायरा बानो पूरे समय उनके साथ थीं और उन्होंने प्रशंसकों को आश्वासन दिया था कि उनकी हालत स्थिर है। सायरा बानो के आखिरी ट्वीट में लिखा था, "दिलीप कुमार साहब की तबीयत अभी स्थिर है। वह अभी भी आईसीयू में हैं, हम उन्हें घर ले जाना चाहते हैं लेकिन हम डॉक्टरों की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि जैसे ही डॉक्टर अनुमति देंगे, वे उन्हें घर ले जाएंगे। उन्हें आज डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा। उनके प्रशंसकों की दुआओं की जरूरत है, वह जल्द ही वापस आएंगे।"
पिछले महीने की शुरुआत में भी दिलीप कुमार को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार की 5 शानदार फिल्में, जो आज भी हैं लाजवाब
‘ट्रेजेडी किंग’ कहलाने वाले दिलीप कुमार ने 1944 में ‘ज्वार भाटा’ फिल्म से अपने करियर शुरुआत की थी और अपने पांच दशक लंबे करियर में 'मुगल-ए-आजम’, ‘देवदास’, ‘नया दौर’, ‘राम और श्याम’ जैसी हिट फिल्में दीं। वह आखिरी बार 1998 में आई फिल्म ‘किला’ में नजर आए थे।
