तिरुवनंतपुरम: बॉलीवुड के प्रख्यात निर्माता-निर्देशक प्रियदर्शन सिनेमाजगत में 34 साल बिता चुके हैं। उन्होंने अपने अब तक के करियर में कई भाषाओं में 91 फिल्में बनाई हैं। लेकिन हिन्दीसिनेमा को 'हेरा फेरी', 'गरम मसाला', 'मालामाल वीकली' और 'भागम भाग' जैसी बेहतरीन फिल्में देने वाले प्रियदर्शन अब अपने करियर में एक मोड़ लाना चाहते हैं। दरअसल अब वह अपने पिता की इच्छा के अनुरूप शिक्षक के रूप में अपने नए करियर की शुरुआत करेंगे।
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फिल्मकार ने बातचीत के दौरान कहा, "मेरे पिता हमेशा चाहते थे कि मैं एक शिक्षक बनूं। मेरी स्नातक की शिक्षा पूरी होने के बाद उन्होंने मुझसे पूछा कि मैं क्या करना चाहता हूं। मैने उनसे कहा कि मैं एक फिल्म निर्देशक बनना चाहता हूं। इस पर उन्होंने सवाल किया, 'क्या सिनेमा भी कोई पेशा है?"'
प्रियदर्शन ने कहा कि अगर उनके लाइब्रेरियन पिता ने उनमें पढ़ने की आदत नहीं डाली होती, तो आज वह जहां हैं वहां कभी नहीं पहुंच पाते।
पद्मश्री से अलंकृत फिल्मकार ने कहा, "शायद नौ और फिल्मों के बाद (जिसके बाद उनका शतक पूरा हो जाएगा) मैं एक पूर्णकालिक शिक्षक बन जाऊं और फिल्म उद्योग में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को वह सिखाऊं जो कुछ मैने सीखा है।" फिल्मकार ने कहा कि शिक्षक की भूमिका निभाने के साथ ही वह फिल्में बनाना जारी रखेंगे।
पिछले दिनों प्रियदर्शन ने इस बात पर दुख जताया था कि बॉलीवुड में अब कॉमेडी के नाम पर केवल मसखरापन ही किया जाता है।