नई दिल्लीः बॉलीवुड के ‘शोमैन’ राज कपूर ने सन् 1988 में आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहा था। लेकिन अपने जीते जी राज कपूर ने न सिर्फ बतौर अभिनेता और निर्माता निर्देशक यादगार फ़िल्में दी बल्कि अपनी कंपनी आर.के. फ़िल्म्स का लोगो भी अपनी ही एक फ़िल्म से चुना जो ख़ुद अपने आप में एक बेमिसाल यादगार है।
ये बैनर फिल्म 1949 में बनी ‘बरसात’ का है जिसके एक दृश्य में राज कपूर एक हाथ में वायलिन लिए हुए हैं और दूसरे हाथ से अपनी हिरोईन यानी नरगिस को अपनी बाहों में थाम रखा है। ये दृश्य आज भी लोगों के ज़हन में नक्श है।
यू तो उनकी जिंदगी में कई हसीनाएं आई पर नरगिस वो एक मात्र अभिनेत्री थीं जो राज कपूर के सबसे करीब थीं और शायद यही वजह है कि प्रेम की भावना से ओतप्रोत फिल्म का ये दृश्य भी राज कपूर कभी नहीं भूला पाए।

हालांकि उनकी लव स्टोरी का अंत दुखद था। राज पहले से ही शादीशुदा थे। पत्नी कृष्णा कपूर से वो बहुत प्रेम करते थे। और नरगिस इस बात को जानती थीं कि भले ही राज का नाम कई अभिनेत्रियों के साथ जोड़ा जा रहा हो लेकिन वो अपनी पत्नी से कभी भी अलग नहीं होंगे। लगभग एक दशक तक अफेयर के बाद नरगिस को इस बात का एहसास हुआ कि वो हमेशा ही राज कपूर के लिए एक दूसरी औरत के रूप में ही देखी जाएंगी।
11 मार्च 1958 में नरगिस ने सुनील दत्त से शादी कर ली जिससे राज कपूर का दिल टूट गया। आर. के. स्टूडियो के बैनर का लोगो राज कपूर ने नरगिस के साथ फिल्माए गए बरसात के एक द्श्य से प्रेरित होकर ही बनाया था।
इस ऐतिहासिक द्रश्य से प्रेरित आर. के. बैनर का लोगो राज कपूर और नरगिस की साथ की यादों को अमर रखता है।
आर के बैनर के तले 1948 में पहली फिल्म ‘आग’ बनी थी जो कि फ्लॉप रही थी लेकिन अगले ही साल में आई बरसात ने खूब कमाई की थी।
श्री 420, एक दिन रात्रि, बूट पॉलिश, जिस देश में गंगा बहती है, राम तेरी गंगा मैली, प्रेम रोग सहित कई अन्य बहुचर्चित फल्मों का निर्माण आर. के. बैनर के तले ही हुआ है।