नई दिल्ली: हाल ही में पनामा पेपर्स मामले में विदेशों में संपत्ति होने की बात सामने आने के बाद आज अमिताभ बच्चन को एक और झटका लगा। 15 साल पुराने इनकम टैक्स केस में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को अमिताभ से जुड़े केस को दोबारा जांच करने की इजाजत दे दी। इस केस में बॉम्बे हाइकोर्ट ने उन्हें राहत दी थी। यह मामला 2001 के 'कौन बनेगा करोड़पति' शो से जुड़ा है। अमिताभ पर इस शो से जुड़ी कमाई पर 1.66 करोड़ रुपए का टैक्स बकाया है।
आईटी डिपार्टमेंट का कहना है कि 2001-02 के असेसमेंट ईयर में अमिताभ ने अपनी टैक्सेबल इनकम 3.23 करोड़ रुपए दिखाई थी। जबकि असेसिंग ऑफिसर के मुताबिक, अमिताभ ने टीवी शो केबीसी से उस साल 26 करोड़ रुपए कमाए थे। अमिताभ को टैक्स नोटिस देने के असेसमेंट ऑफिसर के ऑर्डर को इनकम टैक्स कमिश्नर ने बरकरार रखा था। लेकिन इनकम टैक्स अपीलिएट ट्रिब्यूनल ने इस ऑर्डर को खारिज कर दिया था।
ट्रिब्यूनल के ऑर्डर के खिलाफ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की। लेकिन हाईकोर्ट ने अपील खारिज कर दी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा था कि अमिताभ बच्चन को इनकम टैक्स में 30 पर्सेंट की छूट दी जा सकती है। इसके बाद डिपार्टमेंट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इसी पर बुधवार को फैसला आया।
आईटी डिपार्टमेंट ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती दी थी कि देश के बाहर कमाई करने या फॉरेन एजेंसियों से पेमेंट मिलने पर आर्टिस्ट को टैक्स में राहत मिल सकती है। इनकम टैक्स ऑफिसर्स का कहना था कि अमिताभ केबीसी में एंकर बनकर आते थे। लिहाजा, उन्हें इस शो का आर्टिस्ट नहीं कहा जा सकता।