
मनोज बाजपेयी का हर किरदार काफी खास होता है। इतने अलग-अलग किस्मों के किरदार निभाने के लिए मनोज क्या खास तैयारी करते हैं? यह पूछने पर वह कहते हैं, "मैं हर किरदार के लिए और हर फिल्म की खास जरूरत के अनुसार तैयारियां करता हूं। अपने हर किरदार की तैयारी में मैं कम से कम 20-25 दिन तो देता ही हूं। 'नाम शबाना' के लिए भी मैंने इसी लिहाज से पूरी तैयारी की थी।"
मनोज अपने लंबे करियर में अपनी अभिनय प्रतिभा को साबित कर ही चुके हैं और इस फिल्म में भी उनके अभिनय को काफी सराहना मिली है। साथ ही उनकी सह-अभिनेत्री तापसी पन्नू ने भी फिल्म में शानदार काम किया है, जिनकी यह चौथी फिल्म है। तापसी के बारे में उन्होंने कहा, "तापसी ने बहुत अच्छा काम किया है, वह पूरी फिल्म अपने कंधे पर लेकर गई हैं। उन्होंने जी-तोड़ मेहनत की है। जो कलाकार खुद को पूरी तरह झौंकने के लिए तैयार होते हैं, उसे इंडस्ट्री किसी तरह नकार नहीं सकती।"
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के छात्र रह चुके मनोज ने बॉलीवुड की पारी शुरू करने से पहले 10 साल थियेटर को भी दिए हैं। अभिनय को निखारने में थियेटर की कितनी भूमिका रही, इस सवाल पर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कलाकार मनोज का कहना है, "मैंने कभी अपने आपको हीरो के रूप में नहीं देखा। आपको अपनी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए काम करना पड़ता है। मैं जानता था कि मेरी ताकत मेरा चेहरा-मोहरा नहीं, मेरा अभिनय है। इसके लिए एक खास तरह की तकनीक चाहिए। मैंने उसी को मजबूत बनाया, जिसके लिए मैंने 10 साल थियेटर किया। थियेटर के अलावा वह तकनीक, वह अनुभव और कोई माध्यम नहीं दे सकता।"