भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी कहानियां और अनकहे किस्से दफन हैं, जो जब भी सामने आते हैं तो प्रशंसकों को भावुक कर जाते हैं। एक ऐसा ही दिलचस्प और अनसुना किस्सा बॉलीवुड के दिवंगत और बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता इरफान खान से जुड़ा है। हम सभी जानते हैं कि इरफान ने अपनी बेमिसाल अदाकारी से न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में अपनी कला का लोहा मनवाया था, लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ हैं कि अभिनय के इस महारथी ने अपने करियर में एक बार निर्देशन की कमान भी संभाली थी। यह एक ऐसी अनोखी और अनदेखी फिल्म थी, जो आज 26 सालों से लापता है और उसे वो मुकाम नहीं मिला जिसकी वो हकदार थी। ये फिल्म कभी दर्शकों के सामने नहीं आ सकी। इस खोए हुए प्रोजेक्ट में हिंदी सिनेमा के एक और दिग्गज अभिनेता ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जो उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री में अपने पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे, ये उनके लिए पहला लीडिंग रोल था।
निर्देशन भी कर चुके हैं इरफान
इस गुमनाम हो चुके प्रोजेक्ट की कुछ अनदेखी झलकियां हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसने सिनेमाप्रेमियों के बीच पुरानी यादों को ताजा कर दिया है। दरअसल इरफान खान की पत्नी सुतपा सिकदार ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस अप्रकाशित परियोजना का एक बेहद भावुक कर देने वाला बिहाइंड द सीन्स वीडियो साझा किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद फैंस को इरफान के जीवन के उस पहलू को देखने का मौका मिला है, जिससे लोग अब तक पूरी तरह अनजान थे। यह फुटेज एक निर्देशक के रूप में इरफान के नजरिए और उनकी काम करने की शैली को बेहद करीब से बयां करता है।
सुतापा ने पोस्ट में कही ये बात
इस थ्रोबैक वीडियो को साझा करते हुए सुतपा सिकदार ने बेहद भावुक नोट भी लिखा। उन्होंने बताया , 'इरफान और मैंने मिलकर यह छोटी सी बेहतरीन फिल्म बनाई थी। यह कुष्ठ रोग पर आधारित एक फिल्म थी, जिसकी कहानी मैंने लिखी थी और इरफान ने इसे एक खूबसूरत प्रेम कहानी में बदल दिया। उस समय नवाजुद्दीन सिद्दीकी इंडस्ट्री में बिल्कुल नए थे, मुझे याद है कि वे हर बात पर 'जी जी' कहा करते थे... वे NSD में हमारे जूनियर थे। यह एक छोटा सा सेटअप था, लेकिन सपने बड़े थे और जुनून उससे भी कहीं ज्यादा।' फिल्म का नाम 'अलविदा' था, जिसे साल 2000 में फिल्माया गया था, लेकिन बदकिस्मती से यह कभी रिलीज नहीं हो पाई। ये फिल्म न तो यूट्यूब पर है और न ही किसी ओटीटी पर।
लोगों ने दी फिल्म को तलाशने की राय
उन्होंने बताया कि सेट पर बहुत छोटा सा तामझाम था, लेकिन टीम के सपने बहुत ऊंचे थे और काम को लेकर जुनून उससे भी कहीं ज्यादा बड़ा था। वीडियो में इरफान के निर्देशन की फिलॉसफी की भी तारीफ की गई है। सुतपा के मुताबिक उस दौर के अन्य टेलीविजन निर्देशकों के विपरीत इरफान का विजन बहुत स्पष्ट था और वह कम में ज्यादा दिखाने यानी लेस इज मोर के सिद्धांत पर भरोसा करते थे। इस वीडियो पर जमकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कमेंट सेक्शन में लिखा, 'वह एक बेहतरीन डायरेक्टर भी थे! और आपने बहुत खूबसूरती से लिखा है! कमाल का!' पिया बेनेगल ने भी कमेंट सेक्शन में लिखा, 'पूणे आर्काइव में चेक करिए और फिर आप एनएफडीसी से कॉन्टैक्ट कर सकती हैं।' इसके जवाब में सुतापा ने लिखा, 'ये स्टार बेस्ट सेलर थी, दु्र्भाग्यवश एनएफडीसी और एफटीआईआई का इससे कोई लेना देना नहीं था।' एक शख्स ने लिखा, 'काश इसे स्टार टीवी की आर्काइव लाइब्रेरी से रिट्राइव किया जा सके। पहले ये सादिया के फेसबुक पर डला हुआ था।'
नवाज ने भी किया था फिल्म का जिक्र
खुद नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने भी एक बार इस फिल्म के महत्व को स्वीकार करते हुए एक इंटरव्यू में कहा था कि बहुत कम लोग जानते हैं कि इरफान भाई ने पहली बार उन्हें एक निर्देशक के रूप में गाइड किया था। बतौर मुख्य अभिनेता यह नवाजुद्दीन की पहली फिल्म थी और निर्देशक के रूप में इरफान की भी यह पहली शुरुआत थी। नवाजुद्दीन का मानना है कि अगर इरफान फिल्ममेकिंग जारी रखते तो वह जितने महान अभिनेता थे, उतने ही सफल और उम्दा फिल्म निर्देशक भी साबित होते। गंभीर बीमारी से लंबी लड़ाई लड़ने के बाद 29 अप्रैल 2020 को इरफान खान ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया था और उनकी आखिरी रिलीज फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' थी।
ये भी पढ़ें: 'महाभारत' के छोटे कान्हा और बलराम याद हैं? 38 साल बाद पूरी तरह बदले क्यूट एक्टर, खुद पलटी जिंदगी की दिशा