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असरानी ने FTII से हासिल की डिग्री, फिर भी नहीं मिला काम, इंदिरा गांधी ने की मदद, जया बच्चन संग शेयर की थी स्क्रीन

 Published : Oct 21, 2025 07:03 am IST,  Updated : Oct 21, 2025 08:03 am IST

'शोले' में जेलर की अपनी यादगार भूमिका के लिए मशहूर 84 वर्षीय असरानी का सोमवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। एफटीआईआई, पुणे से ग्रेजुएट होने के बाद उन्होंने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और ये सफलता उन्हें इंदिरा गांधी के बदौलत मिली।

govardhan asrani- India TV Hindi
गोवर्धन असरानी Image Source : INSTAGRAM/@ASRANIOFFICIAL

'शोले' में जेलर की अपनी मशहूर भूमिका के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता गोवर्धन असरानी का लंबी बीमारी के बाद सोमवार, 20 अक्टूबर को 84 साल की उम्र में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार मुंबई के सांताक्रूज श्मशान घाट पर किया गया। अपने पांच दशकों से ज्यादा के करियर में असरानी ने 350 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने पुणे की भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) से पढ़ाई की, जहां उन्होंने 1960 के दशक के बीच में हिंदी सिनेमा में एंट्री करने से पहले अपनी अभिनय कला को निखारा और बेहतरीन करने की कोशिश की। लेकिन, वह अपनी सफलता का श्रेय किसी और को नहीं बल्कि इंदिरा गांधी को देते हैं।

एक्टिंग का सपना लेकर पहुंचे मुंबई

बॉलीवुड ठिकाना को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कैसे इंदिरा गांधी ने उन्हें FTII की डिग्री के बावजूद दो साल तक संघर्ष करने के बाद काम दिलाने में मदद की थी। असरानी ने बताया कि जब वे पहली बार मुंबई आए थे तो उन्होंने एक महीना संगीत निर्देशक नौशाद की तलाश में बिताया था। इस उम्मीद में कि वे उन्हें अभिनय में काम दिलाने में मदद करेंगे, जब बात नहीं बनी तो वे अपने घर जयपुर लौट आए, जहां उनके माता-पिता ने उन्हें दुकान पर काम करने के लिए कहा। हालांकि, असरानी कुछ और चाहते थे। उन्होंने FTII में आवेदन किया, जहां उन्हें संस्थान के पहले बैच में दाखिला मिल गया।

कभी काम के लिए दर-दर भटके थे एक्टर

बाद में उन्हें पता चला कि बॉलीवुड में FTII के सर्टिफिकेट का कोई खास महत्व नहीं है, इसलिए वे गुजारा चलाने के लिए प्रोफेसर के तौर पर संस्थान में लौट आए। उन्होंने कहा, 'मैं अपना सर्टिफिकेट लेकर घूमता था और वे मुझे भगा देते थे और कहते थे तुम्हें लगता है कि एक्टिंग के लिए सर्टिफिकेट चाहिए? बड़े सितारों को यहां ट्रेनिंग नहीं मिलती और तुम सोचते हो कि तुम खास हो? दफा हो जाओ।'

जया भादुड़ी की फिल्म में असरानी को किया कास्ट

उन्होंने आगे कहा, 'दो साल तक मैं काम ढूंढ़ने के लिए संघर्ष करता रहा। एक दिन इंदिरा गांधी पुणे आईं। उस समय वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री थीं। हमने उनसे शिकायत की। हमने उनसे कहा कि सर्टिफिकेट होने के बावजूद कोई हमें वक्त और मौका नहीं देता। फिर वे मुंबई आईं और प्रोड्यूसर्स से कहा कि उन्हें हमें काम पर रखना चाहिए। उसके बाद काम मिलना शुरू हो गया। जया भादुड़ी को 'गुड्डी' में कास्ट किया गया और मुझे भी, जब गुड्डी हिट हुई, तो लोगों ने FTII को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया।'

बिना संतान एक्टर ने बिताई जिंदगी

असरानी के परिवार में उनकी पत्नी मंजू असरानी, ​​उनकी बहन और भतीजा हैं। इस दम्पति की कोई संतान नहीं थी।

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