15 नवंबर को हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में फिल्ममेकर एसएस राजामौली ने अपनी अपकमिंग फिल्म 'वाराणसी' का फर्स्ट लुक टीजर जारी किया। इसी इवेंट में फिल्म के लीड एक्टर महेश बाबू के लुक से भी पर्दा उठाया गया। लेकिन, कुछ तकनीकी कारणों से इवेंट में देरी हो गई, जिससे राजामौली इतने भड़क गए कि उन्होंने इवेंट में हुई दिक्कत के लिए भगवान हनुमान को जिम्मेदार ठहरा दिया। भगवान हनुमान पर अपनी टिप्पणी को लेकर अब एसएस राजामौली ट्रोल्स के निशाने पर हैं और अब उनका एक पुराना बयान भी चर्चा में आ गया है, जिससे पता चलता है कि राजामौली सिर्फ भगवान हनुमान पर ही नहीं, भगवान राम पर भी टिप्पणी कर चुके हैं।
'मुझे भगवान राम पसंद नहीं' - राजामौली
सालों पहले एसएस राजामौली ने भगवान राम को लेकर एक ऐसी बात कही थी, जिसने बवाल खड़ा कर दिया था। उन्होंनें X (पहले ट्विटर) पर किसी शख्स को जवाब देते हुए लिखा था- 'थैंक यू... मगर मुझे भगवान राम कभी पसंद नहीं आए। सभी अवतारों में भगवान कृष्ण मेरे पसंदीदा हैं।' सोशल मीडिया पर इस ट्वीट का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि ये राजमौली का ट्वीट है। कुछ यूजर दावा कर रहे हैं कि बाद में राजामौली ने अपने इस बयान पर सफाई भी दी थी।

राजामौली की भगवान हनुमान पर टिप्पणी
हाल ही में हैदराबाद के रामोजी फिल्म सिटी में उनकी फिल्म 'वाराणसी' के इवेंट में कुछ तकनीकी गड़बड़ी हो गई, जिसके लिए राजामौली ने तुरंत भगवान हनुमान को जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने इस दौरान कहा- 'यह मेरे लिए बहुत भावुक पल है। मैं ईश्वर में विश्वास नहीं करता, लेकिन मेरे पिताजी हमेशा कहते हैं कि भगवान हनुमान सब संभाल लेंगे। पर क्या सच में वे ऐसे ही सब संभालते हैं? यही सोचकर मेरे अंदर गुस्सा भर जाता है। जब पिताजी ने हनुमान का ज़िक्र किया और कहा कि सफलता के लिए उनका आशीर्वाद लेना चाहिए और उन्हीं पर निर्भर रहना चाहिए, तो मुझे बहुत गुस्सा आया।'
राजामौली पर कार्रवाई की मांग
भगवान हनुमान पर अपनी टिप्पणी के बाद राजामौली ट्रोल्स के निशाने पर आ गए और उन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगने लगे। राजामौली के इस बयान को हिंदू सेना ने भी गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। हिंदु सेना के विष्णु गुप्ता ने अपनी शिकायत में कहा कि एसएस राजामौली की इस टिप्पणी के चलते भगवान हनुमान को लेकर उनकी श्रद्धा आहत हुई है। उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस से जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राजामौली की ये टिप्पणी ना सिर्फ धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि सामाजिक और सामुदायिक सद्भाव में भी खलल पैदा कर सकती है।
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