'अनुपमा' के आज रात के एपिसोड में जैसे-जैसे प्रकाश के छिपे हुए इरादे सामने आने लगते हैं। गांव में तनाव बढ़ जाता है, जिससे गांव का माहौल बदल जाता है। एपिसोड की शुरुआत प्रकाश द्वारा तातिया से उसके पास मौजूद पैसों के बारे में पूछताछ करने से होती है। तातिया बताता है कि गांव वालों ने मिलकर पैसा इकट्ठा किया है, लेकिन प्रकाश तुरंत इस बात से पलट जाता है और बताता है कि ज्यादातर गांव वाले पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। फिर वह बताता है कि असली पैसा सोनू राठौड़ के पिता, जो एक करोड़पति बिजनेसमैन हैं, उन्हीं से मिलता है।
अनुपमा बनीं प्रकाश के लिए खतरा
प्रकाश खुलासा करता है कि सोनू को किसी भी कीमत पर सुरक्षित रहना चाहिए। हालांकि, जब तातिया उसे चेतावनी देता है कि अनुपमा हमारे लिए खतरा बन सकती है तो प्रकाश उसकी चिंता का मजाक उड़ाता है। वह अहंकार में आकर दावा करता है कि गांव वाले उसे देवता की तरह पूजते हैं और कोई भी उसके अधिकार को चुनौती देने की हिम्मत नहीं करेगा। सीरियल 'अनुपमा' के अपकमिंग एपिसोड में एक साथ कई ट्विस्ट देखने को मिलने वाले हैं।
प्रकाश पर लगा गंभीर आरोप
कुछ ही देर बाद कई गांववाले वहां पहुंचते हैं, जब वह यह अफवाह सुनते हैं कि एक महिला प्रकाश को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। वे प्रकाश से मार्गदर्शन मांगते हुए पूछते हैं कि कैसे जवाब दिया जाए। प्रकाश शांत रहता है और कहता है कि देवताओं को भी आलोचना का सामना करना पड़ता है, जिससे उसे डरने की कोई बात नहीं है। उसी समय सरिता और भारती उससे मिलने आती हैं और तातिया गांव में चल रहे तनाव के लिए अनुपमा को जिम्मेदार ठहराता है। सरिता प्रकाश से अकेले में बात करने का अनुरोध करती है और वह दोनों महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए राजी हो जाता है।
समर को मिलेगा न्याय
दूसरी ओर, ख्याति गांव छोड़कर प्रार्थना के साथ घर लौटने के अपने फैसले की घोषणा करती है। वह अनुपमा से कहती है कि वह प्रार्थना और आर्यन को खोने से डर रही थी। इस वजह से वह उनके सात रहना चाहती है। लीला भी वापस जाने का फैसला करती है और सुझाव देती है कि अनुपमा प्रार्थना की स्थिति को समझे और प्रेम या अंश से बात करें। हालांकि, अनुपमा जोर देकर कहती है कि उसका मिशन गोपनीय रहना चाहिए और वह हर चीज का सामना खुद कर सकती है। इस बीच, किंजल, परी और राही जाने से इनकार कर देती हैं। अपने परिवारों के बार-बार अनुरोध के बावजूद, वे समर को न्याय दिलाने के लिए रूक जाती हैं।
ये भी पढ़ें-