'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के अपकमिंग एपिसोड में बड़ा धमाका होने वाला है। तुलसी अपने परिवार की खुशियों को बचाने के लिए हैरान करने वाला कदम उठाने वाली है, जिससे मिहिर को जबरदस्त झटका लगेगा। एकता कपूर के इस पॉपुलर शो में एक साथ कई चौंकाने वाले मोड़ देखने को मिलेंगे। देव इस मामले में तुलसी का फैसला मानने से इनकार कर देता है, जिस पर रियांश देव का साथ देता है। वह कहता है कि देव सही है और सभी को बराबर अधिकार मिलने चाहिए। वह कहता है कि तुलसी की पहचान एक बेटे से प्यार करने और दूसरे बेटे को मारने वाली मां के तौर पर है। ऐसे में तुलसी को फांसी होने चाहिए। आने वाले एपिसोड्स में हम देखेंगे कि तुलसी को इस बात का एहसास होता है कि नियति और रियांश को घर में आने देकर उसने बहुत बड़ी गलती कर दी है। वह अपनी इस गलती को सुधारने का फैसला करती है और उन दोनों को घर से बाहर निकालने का फैसला लेती है। वह अब उन्हें और ज्यादा परेशानिया खड़ी नहीं करने देगी।
रियांश और नंदिनी में हुई अनबन
यह सुनकर नंदिनी गुस्से से आग-बबूला हो जाती है और रियांश पर भड़क उठती है। वह उसे चुप रहने और परिवार के मामलों में दखल न देने की चेतावनी देती है। वह कहती है कि रियांश को परिवार के बारे में कुछ नहीं पता और उसे अपनी हद में रहने को कहती है। रियांश नंदिनी को चेतावनी देता है कि वह उससे इस तरह बात न करें। रियांश, नंदिनी के खिलाफ जाकर अंश का बचाव करता है।
अंश की मौत से मची खलबली
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' एक ऐसा मशहूर शो है, जिसे सालों से पसंद किया जा रहा है और लोग इसे आज भी याद करते हैं। शो में आने वाले नए-नए ट्विस्ट और टर्न की वजह से इसे दूसरे शो के मुकाबले अच्छी टीआरपी मिल रही है, लेकिन पहले स्थान को फिर से पाने के लिए मेकर्स को कहानी पर अभी तोड़ी और मेहनत करनी होगी। कहानी में आगे देखने को मिलेगा कि कैसे रियांश, नंदिनी पर इस बात के लिए भड़क जाता है कि अंश ने उसके साथ जो किया, उसे लेकर वह बहुत ज्यादा दुखी है।
रियांश ने नियति के चरित्र पर उठाया सवाल
वह उससे कहता है कि उसे पहले से पता था कि उसके पिता से शादी करने से पहले नंदिनी, करण को डेट कर चुकी थी। वह उससे कहता है कि उसने तो सिर्फ नंदिनी से प्यार किया था, लेकिन नंदिनी ने ही उसे मरवा दिया। वह उससे कहता है कि एक पति का अपनी पत्नी को छूने में कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन नंदिनी ने इस बात का बेवजह ही इतना बड़ा बतंगड़ बना दिया है। रियांश की ये बातें सुनकर नूर को बहुत गुस्सा आता है और वह रियांश के खिलाफ नंदिनी का साथ देती है। बाद में तुलसी नंदिनी से बात करने की कोशिश करती है, लेकिन नंदिनी उससे बात करने से मना कर देती है और उसे नजरअंदाज कर देती है।
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