'द फिफ्टी' के नए एपिसोड में एक और धमाका हुआ, जब 'लायन' ने एक जबरदस्त टीम एरिना चैलेंज पेश किया। कंटेस्टेंट्स को पांच-पांच लोगों की चार टीमों में बांटा गया, जिसमें हर टीम में दो लड़के और दो लड़कियों का होना जरूरी था। रजत दलाल की टीम में वंशज सिंह, मनीषा रानी, लक्ष्य और उर्वशी ढोलकिया शामिल थे। लवकेश कटारिया की टीम में फैसु, दिव्या अग्रवाल, अर्चना गौतम और दिग्विजय राठी थे। बाकी दो टीमें प्रिंस के ग्रुप से थीं, जबकि रिद्धि डोगरा और शाइनी जोशी को किसी ने नहीं चुना और वे अपने-आप 'अनसेफ जोन' में चली गईं। इसी बीच दिग्विजय राठी के नाम एग्जिट ऑर्डर लिखा गया।
टास्क ने बढ़ाई टीम की मुश्किलें
इस टास्क में एक कंटेस्टेंट को सिर पर एक छोटी-सी टोकरी वाला हेलमेट पहनकर रस्सी के सहारे आगे बढ़ते हुए गेंदें जमा करनी थीं। टीम के बाकी सदस्यों को उन गेंदों को दूसरी तरफ रखे एक बड़े से 'जोकर' पर फेंकना था और उसकी दाढ़ें गिराने की कोशिश करनी थी। सुनने में यह आइडिया भले ही आसान लग रहा था, लेकिन टीमों के लिए निशाने पर गेंद मारना बेहद मुश्किल साबित हुआ। हालांकि, सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब रजत ने अपनी ही टीम के खिलाफ मुकाबला करने का फैसला किया। उसकी रणनीति सीधी-सादी, लेकिन काफी चालाकी भरी थी। अगर उसकी टीम जीतती तो वंशज और उर्वशी 'अनसेफ' हो जाते। अगर लवकेश की टीम जीतती तो दिव्या और दिग्विजय खतरे में पड़ जाते। दोनों ही सूरतों में उसके ग्रुप के चार मुख्य खिलाड़ी सुरक्षित रहते।
रजत दलाल ने दिग्विजय राठी को बनाया निशाना
एक कड़े मुकाबले में दोनों टीमें जोकर के पांच-पांच दांत गिराने में कामयाब रहीं, जिससे मैच टाई हो गया। आखिर में रजत ने निर्णायक दांत सबसे पहले गिराया, जिससे उनकी टीम जीत गई। कंटेस्टेंट्स को नॉमिनेट करने की ताकत मिलने पर उन्होंने सबसे पहले दिव्या को 'अनसेफ' घोषित किया। अपना दूसरा चुनाव करने से पहले उन्होंने जान-बूझकर अर्चना गौतम की तरफ देखा, जिससे खिलाड़ियों के बीच सस्पेंस पैदा हो गया। कुछ ही देर बाद उन्होंने दिग्विजय को नॉमिनेट कर दिया, जबकि दिग्विजय ने टास्क के दौरान अपना पूरा जोर लगाया था।
रजत ने दिग्विजय को क्यों किया टारगेट?
नॉमिनेशन से पहले दिव्या ने कहा था, 'आप तो लड़की को ही करोगे कर लो।' जब रजत ने दिग्विजय का नाम लिया तो दिव्या ने खुलकर उनका साथ दिया और कहा कि वह इस गेम में रजत का 'सॉफ्ट टारगेट' बन गए हैं। इन सब नाटक के बावजूद, दिग्विजय ने इसे बड़ी समझदारी से संभाला और बाद में दिव्या के साथ अपने रिश्ते के बारे में बात की। उन्होंने बताया, 'दिव्या और मैं शो के बाहर से ही एक-दूसरे को जानते थे, इसलिए हमारे बीच हमेशा से ही आपसी समझ सभी को देखने को मिली है। भले ही गेम ने हमें अलग-अलग ग्रुप में डाल दिया हो, लेकिन हमने कभी भी इसका असर एक-दूसरे के प्रति अपने सम्मान पर नहीं पड़ने दिया। हम दोनों यहां अपना-अपना गेम खेलने और अपनी रणनीतियों पर टिके रहने आए थे और मुझे लगता है कि हम अपनी दोस्ती बनाए रखते हुए ऐसा करने में कामयाब रहे हैं।'
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