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Explainer: झुग्गी-झोपड़ी वाला देश, कैसे बन गया इतना अमीर? दिलचस्प है कतर की कहानी, जानिए

 Edited By: Kajal Kumari @lallkajal
 Published : Oct 02, 2025 02:27 pm IST,  Updated : Oct 02, 2025 02:27 pm IST

भारत और कतर के बीच दोस्ताना संबंध रहे हैं और दोनों के बीच मजबूत व्यापारिक संबंध भी हैं। कतर जो अमीर देशों की लिस्ट में शुमार है, कभी झुग्गी झोपड़ियों वाला देश था। इसके अमीर देश बनने की कहानी भी दिलचस्प है। जानें इस एक्सप्लेनर में...

कतर कैसे बना इतना अमीर- India TV Hindi
कतर कैसे बना इतना अमीर Image Source : SOCIAL MEDIA

Explainer: करीब 25 लाख की जनसंख्या वाले छोटे से देश कतर की चकाचौंध किसी को भी हैरान कर देगी। लेकिन अमीरी के नए इतिहास लिखता और संपन्न देश में शुमार इसी कतर की हालत एक दौर में इतनी खराब थी कि वह गरीबी की मार झेल रहा था। लोग झुग्गी झोपड़ियों में रहा करते थे। वो साल था 1930 से 40 के दशक का जब कतर गुलामी का दंश झेल रहा था और आर्थिक हालत बदतर थी। तुर्की और अंग्रेजों की गुलामी झेलने वाले इस देश में लोगों के पास खाने तक के पैसे नहीं थे। उसके बाद समंदर से मोती चुनकर अपनी अर्थव्यवस्था चलाने वाला यह देश अमीर देशों में शुमार है।

अब आपके मन में ये सवाल होगा कि सदियों तक दूसरों की गुलामी झेलने वाला यह देश, जहां राजतंत्र कायम है, आज मध्य पूर्व का साइलेंट पावर कैसे बन गया और आज कैसे कतर मध्य पूर्व की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. और वैश्विक मंच पर अपनी पकड़ को लगातार मजबूत बना रहा है।

कतर के अमीर बनने की कहानी
Image Source : (SOCIAL MEDIA-FILE PHOTO)कतर के अमीर बनने की कहानी

कतर ने खुद लिखी अपनी तकदीर

कतर छोटा सा देश है और यह फारस की खाड़ी और सऊदी अरब के बीच स्थित है। इसकी संरचना ही इसके लिए वरदान साबित हुई। यहां पिछले करीब दो सौ सालों से अल-थानी परिवार का शासन है। इससे पहले इस देश पर अल खलीफा शाही परिवार का शासन था। 1867 में ब्रिटेन ने अल-थानी परिवार को सत्ता में आने में मदद की और कतर को बहरीन से अलग एक स्वायत्त देश के रूप में मान्यता दी। यहीं से कतर के बदलाव की कहानी शुरू होती है। 1971 में इसे ब्रिटेन से पूरी आजादी मिली और इस देश ने अपनी पटकथा खुद लिखी।

कैसे अमीर देश बना कतर

तुर्की और ब्रिटेन से मिली आजादी के बाद कतर की स्थिति लगातार बदलने लगी। इस देश में कतर के मूल निवासियों की संख्या काफी कम है। आजादी के बाद कतर में मिले तेल और गैस के भंडार ने कतर की किस्मत पलट दी और कतर के ऊपर पैसों की बरसात होने लगी। दुनियाभर के तेल और गैस बेचकर कतर ने खूब पैसा कमाया और आज कतर गैस और तेल के सबसे बड़े एक्सपोर्टर में से एक है। आज वहां का हर तीसरा व्यक्ति करोड़पति है। यहां के लोगों को टैक्स के नाम पर कोई पैसा नहीं देना पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस देश में बिजली, पानी मेडिकल जैसी बुनियादी सुविधाएं बिल्कुल मुफ्त है।

कतर एयरवेज
Image Source : QATAR AIRWAYSकतर एयरवेज

तेल और गैस ने पलट दी किस्मत

दूसरे मध्य पूर्वी देशों की तरह, कतर भी जीवाश्म ईंधन से धन कमाता है। कतर के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गैस भंडार है और यह भंडार कुल वैश्विक भंडार के 13 फीसदी से भी अधिक है। साल 1971 में ब्रिटेन से मिली आजादी के बाद इसकी काया पलट गई। इसमें बड़ा रोल निभाया कतर में मिले तेल और गैस के विशाल भंडार ने। यही गैस इसके अमीर होने का एक सबसे बड़ा कारण भी है। तेल और गैस के निर्यात से होने वाली कमाई ने कतर के सामाजिक और बुनियादी ढांचे में एक बड़ा बदलाव ला दिया और आज इस देश की प्रति व्यक्ति जीडीपी दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है।

कतर का संग्रहालय
Image Source : WIKIPEDIAकतर का संग्रहालय

अमेरिका से मजबूत हैं रिश्ते

आज भी कतर लगातार बदलाव की तरफ देखता रहता है, इस तरह से वह अब सिर्फ जीवाश्म ईंधन पर ही निर्भर नहीं रहना चाहता है और दुनिया में ग्रीन एनर्जी के बढ़ते इस्तेमाल पर भी उसकी नजर है। इसके साथ ही अब वह विनिर्माण, निर्माण, वित्त और पर्यटन जैसे दूसरे क्षेत्रों में भी ज्यादा निवेश कर रहा है। आज कतर को आज एक तटस्थ देश माना जाता है, जो अपनी आर्थिक ताकत और अलग-अलग देशों के साथ अच्छे संबंधों के कारण है। आज उसकी तुलना स्विट्जरलैंड से की जाती है। मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा कतर में ही है। इसीलिए यह देश अमेरिका का प्यारा देश है और साथ ही भारत से भी कतर के बेहतर रिश्ते हैं। इसके साथ ही दुनिया के देशों में चल रहे संघर्षों को सुलझाने में इसका रिकॉर्ड लगातार बेहतर हो रहा है।

 

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