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Fact Check: पुलिस कार्रवाई के डर से बरेली छोड़कर भाग रहे मुसलमान? यहां जानें वायरल Video का सच

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2 Published : Oct 02, 2025 12:13 pm IST, Updated : Oct 02, 2025 12:14 pm IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ज्यादातर लोगों को मुसलमानों की टोपी पहने हुए देखा जा सकता है। कहा जा रहा है कि ये लोग तौकीर रजा के कहने पर बरेली में इकट्ठा हुए थे लेकिन हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई से डरकर भाग रहे हैं।

फैक्ट चेक- India TV Hindi
Image Source : X- @JANARDANSPEAKS फैक्ट चेक

बरेली हिंसा को लेकर जैसे-जैसे जांच बढ़ रही है, चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। जहां पुलिस हिंसा को लेकर बड़े खुलासे कर रही है वहीं एक्शन भी ताबड़तोड़ हो रहा है। अबतक 81 आरोपी अरेस्ट हो चुके हैं। बुधवार को यानी कल 8 आरोपी और गिरफ्तार किए गए, 10 FIR हिंसा मामले में हुई हैं। 2500 उपद्रवियों में 200 नामजद किए गए। बुधवार को पुलिस ने दो उपद्रवियों इदरीस और इकबाल को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें ज्यादातर लोगों को मुसलमानों की टोपी पहने हुए देखा जा सकता है। कहा जा रहा है कि ये लोग तौकीर रजा के कहने पर बरेली में इकट्ठा हुए थे लेकिन हिंसा के बाद पुलिस कार्रवाई से डरकर भाग रहे हैं। हालांकि फैक्ट चेक की जांच में यह वायरल दावा फर्जी साबित हुआ।

क्या हो रहा है वायरल?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने वायरल वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “इनका भूत तो बहुत जल्दी उतर गया बरेली के तौकीर रजा के बहकावे में आकर पूरे देश से मुसलमान बरेली में इकट्ठा हुए थे यूपी पुलिस अब कैमरों में पहचान कर कार्यवाही का आदेश दिया है तब ये सब बरेली छोड़कर भाग रहे हैं।”  

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Image Source : SCREENSHOT
फैक्ट चेक

पड़ताल:

वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें ये ‘The Leader Hindi’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला। यहां इसे 21 अगस्त को अपलोड किया गया था। यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि बरेली में हिंसा की शुरुआत 26 सितंबर को हुई थी यानि एक बात साफ है कि वायरल वीडियो बरेली में हुए बवाल से पहले का है।

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Image Source : SCREENSHOT
फैक्ट चेक।

वीडियो में इसे ‘उर्स-ए-रजवी’ के बाद जंक्शन पर इकट्ठा हुई भीड़ का बताया गया है। कैप्शन में आला हजरत और बरेली जैसे हैशटैग्स का इस्तेमाल भी किया गया है। ‘उर्स-ए-रजवी’ हर साल 3 दिन तक मनाए जाने वाला एक आयोजन है। इसे इमाम अहमद रजा खान की पुण्यतिथि की याद में दरगाह आला हजरत में मनाया जाता है। इसमें हर साल देशभर से भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ये वीडियो बरेली में हुए ‘उर्स-ए-रजवी’ कार्यक्रम के दौरान का है।

फैक्ट चेक में क्या निकला?

फैक्ट चेक की जांच में यह वायरल दावा फर्जी साबित हुआ। हमारी पड़ताल में सामने आया कि ये वीडियो अगस्त का है जब ‘उर्स-ए-रजवी’ कार्यक्रम के मौके पर बरेली के रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी थी। फर्जी दावे के साथ इसे शेयर किया जा रहा है। लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। 

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