हवा में बढ़ता प्रदूषण अस्थमा पीड़ितों पर पड़ सकता हैं भारी, जानें बढ़ते एयर पॉल्यूशन में दमा के मरीज कैसे रखें ख्याल?
हवा में बढ़ता प्रदूषण अस्थमा पीड़ितों पर पड़ सकता हैं भारी, जानें बढ़ते एयर पॉल्यूशन में दमा के मरीज कैसे रखें ख्याल?
रविवार को देश की राजधानी दिल्ली का एक्यूआई (AQI)350 के आसपास रहा जो सेहत के लिहाज़ से बेहद खराब है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस वजह से अस्थमा के मरीजों को सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जानिए बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण अस्थमा पेशेंट के लिए कितना घातक है साथ ही इसके बचाव के उपाय
Published : Nov 03, 2024 02:50 pm IST, Updated : Nov 03, 2024 02:50 pm IST
1/6Image Source : social
रविवार को देश की राजधानी दिल्ली का एक्यूआई (AQI)350 के आसपास रहा जो सेहत के लिहाज़ से बेहद खराब है। बढ़ते प्रदूषण की वजह से फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इस वजह से अस्थमा के मरीजों को सेहत से जुड़ी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जानिए बढ़ता हुआ वायु प्रदूषण अस्थमा पेशेंट के लिए कितना घातक है साथ ही इसके बचाव के उपाय भी जानें।
2/6Image Source : social
अस्थमा एक ऐसी बीमारी है जिसके बढ़ने के पीछे वायु प्रदूषण जिम्मेदार माना जाता है। दमा पेशेंट की सांस की नलियों में सूजन आ जाती है। इसी वजह से इन्हें सांस लेने में दिक्कत होती है।
3/6Image Source : social
राजधानी दिल्ली का एक्यूआई 350 के आसपास है जो अस्थमा के मरीजों के लिए बेहद हानिकारक है। ऐसी स्थिति में दमा के मरीजों को सुबह के समय खासकर पीक आवर्स में बाहर निकलने से बचना चाहिए।
4/6Image Source : social
अस्थमा के मरीज जब भी घर से बहार निकलें। अपने मुंह पर मास्क या फिर साफ कपड़ा बांधकर ही घर से बाहर निकलें निकलें। इस बात का ध्यान रखें जहां वो जा रहा हैं वहां ज़्यादा गन्दगी, धुल-मिट्टी या पॉल्यूशन न हो।
5/6Image Source : social
दमा के मरीज जब भी कहीं बाहर जाएं अपने साथ इन्हेलर और अपनी दवाइयां साथ में लेकर जाएं। बहले ही आपका काम 2 से 3 घंटों का हो लेकिन अपने साथ दवाइयों ज़रूर रखें।
6/6Image Source : social
अगर आप वॉक करते हैं या रनिंग करते हैं तो कोहरे में जानें से बचें। अगर आप बाहर वॉक या रनिंग करना चाहते हैं तो सुबह कोहरे या शाम के समय सैर पर ना जाएं