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ये योग आसन हड्डियां के दर्द से दिलाती हैं छुटकारा, मांशपेशियां बनती हैं मजबूत, सर्दियों में ज़रूर करें

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Dec 01, 2024 02:07 pm IST,  Updated : Dec 01, 2024 02:08 pm IST
अब सिर्फ अधेड़ ही नहीं बल्कि युवा भी जोड़ो के दर्द की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अगर आप भी हड्डियों में दर्द होने पर छुटकारा पाने के लिए लोग तुरंत पेन किलर खाते हैं तो यह सेहत के लिहाज़ से हानिकारक है। जॉइंट्स में दर्द की समस्या से राहत पाने के लिए अपने जीवन में योग को शामिल करें। चलिए जानते हैं जोड़ों के दर्द के लिए कौन से योगासन हैं फायदेमंद
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अब सिर्फ अधेड़ ही नहीं बल्कि युवा भी जोड़ो के दर्द की चपेट में तेजी से आ रहे हैं। अगर आप भी हड्डियों में दर्द होने पर छुटकारा पाने के लिए लोग तुरंत पेन किलर खाते हैं तो यह सेहत के लिहाज़ से हानिकारक है। जॉइंट्स में दर्द की समस्या से राहत पाने के लिए अपने जीवन में योग को शामिल करें। चलिए जानते हैं जोड़ों के दर्द के लिए कौन से योगासन हैं फायदेमंद
चक्रासन हड्डियों के दर्द से छुटकारा दिलाता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ें। अपने दोनों हाथों को उल्टा कर कंधों के पीछे रखें। अब सांस भरकर छाती को ऊपर की तरफ उठाएं। धीरे-धीरे हाथ और पैरों को भी नज़दीक लाएं जिससे आपके शरीर चक्र जैसी बन जाएं। इस आसन से रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और शरीर एक्टिव होता है।
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चक्रासन हड्डियों के दर्द से छुटकारा दिलाता है। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ें। अपने दोनों हाथों को उल्टा कर कंधों के पीछे रखें। अब सांस भरकर छाती को ऊपर की तरफ उठाएं। धीरे-धीरे हाथ और पैरों को भी नज़दीक लाएं जिससे आपके शरीर चक्र जैसी बन जाएं। इस आसन से रीढ़ की हड्डी लचीली होती है और शरीर एक्टिव होता है।
त्रिकोणासन को करने से हड्डियों के दर्द के साथ मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। इस आसन को करने के लिए पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी बनायें और सीधे खड़े हो जायें। दाहिने पैर को बाहर की तरफ मोड़कर बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और दाहिने हाथ को ज़मीन से टच करें। दोनों हाथ का पोज़िशन स्ट्रेट होना चाहिए।
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त्रिकोणासन को करने से हड्डियों के दर्द के साथ मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं। इस आसन को करने के लिए पैरों के बीच 3-4 फीट की दूरी बनायें और सीधे खड़े हो जायें। दाहिने पैर को बाहर की तरफ मोड़कर बाएं हाथ को ऊपर उठाएं और दाहिने हाथ को ज़मीन से टच करें। दोनों हाथ का पोज़िशन स्ट्रेट होना चाहिए।
डॉल्फिन प्लैंक पोज़ रीढ़ की हड्डियों खासकरबाहों और कंधों को मजबूत करने में मदद करती है। इसे करने से जोड़ो के दर्द से भी राहत मिलती है। इसे करने के लिए कोहनी को अपने कंधों पर रखें और अपने हाथों को जमीन पर टिकाएँ। उसके बाद अपने पैरों को धीरे धीरे समानांतर में पीछे ले जाएं। इस आसन को आप 20 से 30 सेकंड तक कर सकते हैं।
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डॉल्फिन प्लैंक पोज़ रीढ़ की हड्डियों खासकरबाहों और कंधों को मजबूत करने में मदद करती है। इसे करने से जोड़ो के दर्द से भी राहत मिलती है। इसे करने के लिए कोहनी को अपने कंधों पर रखें और अपने हाथों को जमीन पर टिकाएँ। उसके बाद अपने पैरों को धीरे धीरे समानांतर में पीछे ले जाएं। इस आसन को आप 20 से 30 सेकंड तक कर सकते हैं।
उष्ट्रासन आपके बैक बोन को फ्लेक्सिबल बनाता है और जॉइंट्स, कंधे के दर्द से छुटकारा दिलाता है। इस आसन को करने से पीठ के निचले हिस्से के दर्द से भी आराम मिलता है।
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उष्ट्रासन आपके बैक बोन को फ्लेक्सिबल बनाता है और जॉइंट्स, कंधे के दर्द से छुटकारा दिलाता है। इस आसन को करने से पीठ के निचले हिस्से के दर्द से भी आराम मिलता है।
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