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World Obesity Day: मोटापे के कारण कौन सी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Mar 03, 2026 06:40 pm IST,  Updated : Mar 03, 2026 06:44 pm IST
मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन सकता है। जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो यह हार्मोन, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। आइए जानते हैं मोटापे से कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन सकता है। जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, तो यह हार्मोन, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। आइए जानते हैं मोटापे से कौन-कौन सी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
दिल की बीमारी: मोटापा बढ़ने से हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है। मोटापे से ग्रस्त लोगों में हृदय रोग की संभावना 85% तक अधिक होती है, जो रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित करता है।
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दिल की बीमारी: मोटापा बढ़ने से हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जो कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हार्ट फेलियर का कारण बन सकता है। मोटापे से ग्रस्त लोगों में हृदय रोग की संभावना 85% तक अधिक होती है, जो रक्त वाहिकाओं को भी प्रभावित करता है।
टाइप 2 डायबिटीज: मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का सबसे प्रमुख कारण है, क्योंकि बढ़ा हुआ वजन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करता है। जब फैट सेल्स इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं, तो रक्त शर्करा का स्तर बढ़ता है, जिससे टाइप 2 मधुमेह का खतरा 80 गुना तक बढ़ सकता है।
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टाइप 2 डायबिटीज: मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का सबसे प्रमुख कारण है, क्योंकि बढ़ा हुआ वजन शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करता है। जब फैट सेल्स इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं, तो रक्त शर्करा का स्तर बढ़ता है, जिससे टाइप 2 मधुमेह का खतरा 80 गुना तक बढ़ सकता है।
स्ट्रोक: मोटापा शरीर में ब्लड प्रेशर, बैड कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में ब्लॉकेज को बढ़ाता है। यह गंभीर स्थिति रक्त प्रवाह को बाधित करती है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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स्ट्रोक: मोटापा शरीर में ब्लड प्रेशर, बैड कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में ब्लॉकेज को बढ़ाता है। यह गंभीर स्थिति रक्त प्रवाह को बाधित करती है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है।
जोड़ों की समस्या: मोटापा घुटनों और कमर पर भार डालकर ऑस्टियोआर्थराइटिस का मुख्य कारण बनता है, जिससे जोड़ों के बीच की कार्टिलेज तेजी से घिसती है। हर 5 किलोग्राम वजन बढ़ने से घुटनों के OA का जोखिम 36% तक बढ़ जाता है। यह समस्या न केवल दबाव, बल्कि फैट टिश्यू से निकलने वाली सूजन से भी बढ़ती है।
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जोड़ों की समस्या: मोटापा घुटनों और कमर पर भार डालकर ऑस्टियोआर्थराइटिस का मुख्य कारण बनता है, जिससे जोड़ों के बीच की कार्टिलेज तेजी से घिसती है। हर 5 किलोग्राम वजन बढ़ने से घुटनों के OA का जोखिम 36% तक बढ़ जाता है। यह समस्या न केवल दबाव, बल्कि फैट टिश्यू से निकलने वाली सूजन से भी बढ़ती है।
ऐसे में सही जीवनशैली अपनाकर मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। मोटापा कम करने के लिए हेल्दी डाइट लें।रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ करें।जंक फूड और मीठे पेय कम करें। नियमित हेल्थ चेकअप कराएं।
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ऐसे में सही जीवनशैली अपनाकर मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। मोटापा कम करने के लिए हेल्दी डाइट लें।रोज कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज़ करें।जंक फूड और मीठे पेय कम करें। नियमित हेल्थ चेकअप कराएं।
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