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तो इस वजह से चेहरे पर होते हैं बार-बार पिंपल्स, छुटकारा पाने के लिए आज़माएं ये देसी उपाय

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Mar 11, 2025 10:51 pm IST,  Updated : Mar 11, 2025 11:00 pm IST
आजकल की अनियमित लाइफस्टाइल और खराब खानपान का सबसे ज़्यादा असर हमारे स्किन पर पड़ता है। कम उम्र में ही चेहरे पर एजिंग हावी होने लगती है और फेस मुंहासों से भर जाता है। एक्ने एक ऐसी समस्या है जिसका सामना अक्सर टीनएज उम्र से ही करना पड़ता है। एक्ने से छुटकारा पाने के लिए महिलायें अपनी स्किन केयर रूटीन का ख़ास ख्याल रखती हैं। बावजूद इसके पूरा चेहरा एक्ने और दाग धब्बों से भरा रहता है। आपने कभी सोचा है कि आखिर चेहरे पर बारे बार मुंहासे क्यों आते हैं। चलिए हम आपको बताते हैं क्यों होते हैं बारे बार मुंहासे और इनसे छुटकारा पाने के लिए क्या करें?
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आजकल की अनियमित लाइफस्टाइल और खराब खानपान का सबसे ज़्यादा असर हमारे स्किन पर पड़ता है। कम उम्र में ही चेहरे पर एजिंग हावी होने लगती है और फेस मुंहासों से भर जाता है। एक्ने एक ऐसी समस्या है जिसका सामना अक्सर टीनएज उम्र से ही करना पड़ता है। एक्ने से छुटकारा पाने के लिए महिलायें अपनी स्किन केयर रूटीन का ख़ास ख्याल रखती हैं। बावजूद इसके पूरा चेहरा एक्ने और दाग धब्बों से भरा रहता है। आपने कभी सोचा है कि आखिर चेहरे पर बारे बार मुंहासे क्यों आते हैं। चलिए हम आपको बताते हैं क्यों होते हैं बारे बार मुंहासे और इनसे छुटकारा पाने के लिए क्या करें?
क्यों होते हैं बारे बार मुंहासे: मुंहासे तब होते हैं जब स्किन के नीचे तेल ग्रंथियों से जुड़े स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। पोर्स का बंद होना डेड स्किन सेल्स और बैक्टीरिया को विकसित करता है, जिसकी वजह से मुंह में सूजन और मुंहासे होते हैं। कई बार आपके हार्मोन्स, आनुवंशिकी और तनाव भी इनके होने का एक कारण बनते हैं।
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क्यों होते हैं बारे बार मुंहासे: मुंहासे तब होते हैं जब स्किन के नीचे तेल ग्रंथियों से जुड़े स्किन के पोर्स बंद हो जाते हैं। पोर्स का बंद होना डेड स्किन सेल्स और बैक्टीरिया को विकसित करता है, जिसकी वजह से मुंह में सूजन और मुंहासे होते हैं। कई बार आपके हार्मोन्स, आनुवंशिकी और तनाव भी इनके होने का एक कारण बनते हैं।
कितने प्रकार के होते हैं मुंहासे: मुंहासे दो प्रकार के होते हैं व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स। व्हाइटहेड्स भरे हुए पोर्स होते हैं जो बंद हो जाते हैं लेकिन स्किन से बाहर निकल जाते हैं। वे चेहरे पर सफ़ेद धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं। ब्लैकहेड्स ये भरे हुए छिद्र होते हैं जो खुले रहते हैं, और इसमें बाहरी गंदगी जमा हो जाती है जो स्किन पर छोटे काले धब्बों के रूप में दिखाई देती है।
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कितने प्रकार के होते हैं मुंहासे: मुंहासे दो प्रकार के होते हैं व्हाइटहेड्स और ब्लैकहेड्स। व्हाइटहेड्स भरे हुए पोर्स होते हैं जो बंद हो जाते हैं लेकिन स्किन से बाहर निकल जाते हैं। वे चेहरे पर सफ़ेद धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं। ब्लैकहेड्स ये भरे हुए छिद्र होते हैं जो खुले रहते हैं, और इसमें बाहरी गंदगी जमा हो जाती है जो स्किन पर छोटे काले धब्बों के रूप में दिखाई देती है।
टी ट्री ऑयल: टी ट्री ऑयल एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी है, जो मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार सकता है। टी ट्री ऑयल में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों की सूजन और लालिमा को कम करने में भी मदद कर सकता है। 2019 के एक अध्ययन में, पाया गया कि टी ट्री ऑयल के एंटीबैक्टीरियल क्षमताओं के कारण लोगों में मुंहासों को कम कर सकते हैं।
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टी ट्री ऑयल: टी ट्री ऑयल एक प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी है, जो मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार सकता है। टी ट्री ऑयल में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण मुंहासों की सूजन और लालिमा को कम करने में भी मदद कर सकता है। 2019 के एक अध्ययन में, पाया गया कि टी ट्री ऑयल के एंटीबैक्टीरियल क्षमताओं के कारण लोगों में मुंहासों को कम कर सकते हैं।
एलोवेरा : एलोवेरा में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। ये मुंहासों को कम कर सकता है और उपचार के दौरान मुंहासों को निकलने से रोक सकता है। 2021 के एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने बताया कि मास्क के साथ एलोवेरा का इस्तेमाल करने पर धक्कों, घावों और शुष्क त्वचा की संख्या कम हो गई।
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एलोवेरा : एलोवेरा में मौजूद प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है। ये मुंहासों को कम कर सकता है और उपचार के दौरान मुंहासों को निकलने से रोक सकता है। 2021 के एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने बताया कि मास्क के साथ एलोवेरा का इस्तेमाल करने पर धक्कों, घावों और शुष्क त्वचा की संख्या कम हो गई।
ग्रीन टी: मुंहासे वाले लोगों के रोमछिद्रों में बहुत अधिक सीबम या प्राकृतिक शरीर के तेल होते हैं और पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट नहीं होते। ऐसे में एक्ने से छुटकारा दिलाने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करें। इसमें कैटेचिन नामक पॉलीफेनोल एंटीऑक्सीडेंट होती है जो अपशिष्ट उत्पादों को तोड़ने में मदद करते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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ग्रीन टी: मुंहासे वाले लोगों के रोमछिद्रों में बहुत अधिक सीबम या प्राकृतिक शरीर के तेल होते हैं और पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट नहीं होते। ऐसे में एक्ने से छुटकारा दिलाने के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल करें। इसमें कैटेचिन नामक पॉलीफेनोल एंटीऑक्सीडेंट होती है जो अपशिष्ट उत्पादों को तोड़ने में मदद करते हैं जो स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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