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रात को सोने से पहले इस चीज से करें नाभि का मसाज, स्किन से लेकर शरीर में दिखने लगेंगे ये बेहतरीन बदलाव

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Aug 12, 2025 08:05 pm IST,  Updated : Aug 12, 2025 08:05 pm IST
अगर आप रात को सोने से पहले नाभि पर घी लगाकर मसाज करते हैं तो इससे सेहत को कई फायदे मिलेंगे। सदियों से लोग नाभि में घी लगाते आए हैं यह यह रिवाज़ सिर्फ़ परंपरा नहीं बाकि सेहत का अनमोल खजाना है। आयुर्वेद में नाभि को शरीर का एक केंद्रीय ऊर्जा बिंदु माना जाता है जो अनगिनत नसों से जुड़ा होता है। जब सोने से पहले नाभि पर शुद्ध घी लगाया जाता है, तो यह कई आंतरिक प्रणालियों को प्रभावित करता है, जिससे अद्भुत फायदे मिलते हैं।
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अगर आप रात को सोने से पहले नाभि पर घी लगाकर मसाज करते हैं तो इससे सेहत को कई फायदे मिलेंगे। सदियों से लोग नाभि में घी लगाते आए हैं यह यह रिवाज़ सिर्फ़ परंपरा नहीं बाकि सेहत का अनमोल खजाना है। आयुर्वेद में नाभि को शरीर का एक केंद्रीय ऊर्जा बिंदु माना जाता है जो अनगिनत नसों से जुड़ा होता है। जब सोने से पहले नाभि पर शुद्ध घी लगाया जाता है, तो यह कई आंतरिक प्रणालियों को प्रभावित करता है, जिससे अद्भुत फायदे मिलते हैं।
घी वसा का एक बेहतरीन स्रोत है जो त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करता है। रात में नियमित रूप से नाभि पर घी लगाने से यह त्वचा में नमी के स्तर को बढ़ाता है। जिससे स्किन सॉफ्ट और चमकदार बनती है साथ ही इसका असर होंठों पर भी दिखाई देता है, जिससे वे मुलायम बनते हैं।
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घी वसा का एक बेहतरीन स्रोत है जो त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करता है। रात में नियमित रूप से नाभि पर घी लगाने से यह त्वचा में नमी के स्तर को बढ़ाता है। जिससे स्किन सॉफ्ट और चमकदार बनती है साथ ही इसका असर होंठों पर भी दिखाई देता है, जिससे वे मुलायम बनते हैं।
कई आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि नाभि पर घी की हल्की मालिश करने से अपच, गैस और सूजन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नाभि के क्षेत्र में हल्की गर्माहट और स्पर्श से वेगस तंत्रिका (Vagus nerve) उत्तेजित होती है, जो पाचन क्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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कई आयुर्वेद विशेषज्ञों का मानना है कि नाभि पर घी की हल्की मालिश करने से अपच, गैस और सूजन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नाभि के क्षेत्र में हल्की गर्माहट और स्पर्श से वेगस तंत्रिका (Vagus nerve) उत्तेजित होती है, जो पाचन क्रिया को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन गर्भाशय के संकुचन के कारण होती है। नाभि क्षेत्र पर धीमी, गोलाकार गति से घी लगाने से पेट की मांसपेशियों को हल्की गर्मी मिलती है और वे आराम महसूस करती हैं। यह ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है।
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मासिक धर्म के दौरान होने वाली ऐंठन गर्भाशय के संकुचन के कारण होती है। नाभि क्षेत्र पर धीमी, गोलाकार गति से घी लगाने से पेट की मांसपेशियों को हल्की गर्मी मिलती है और वे आराम महसूस करती हैं। यह ऐंठन को कम करने में मदद कर सकता है।
रात में नाभि पर घी लगाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। यह एक तरह का सचेतन अभ्यास है, जो तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है। इससे शरीर तनाव से मुक्त होकर आराम की स्थिति में पहुँच जाता है। नियमित अभ्यास से कई लोगों ने अधिक शांत, केंद्रित और भावनात्मक रूप से स्थिर महसूस करने की बात कही है।
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रात में नाभि पर घी लगाने से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है। यह एक तरह का सचेतन अभ्यास है, जो तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है। इससे शरीर तनाव से मुक्त होकर आराम की स्थिति में पहुँच जाता है। नियमित अभ्यास से कई लोगों ने अधिक शांत, केंद्रित और भावनात्मक रूप से स्थिर महसूस करने की बात कही है।
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