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कानपुर में 2023 के सबसे चर्चित और दिल दहला देने वाले अपहरण-हत्या मामले में आज बड़ा फैसला आया है। कपड़ा कारोबारी मनीष कनोडिया के 16 वर्षीय बेटे कुशाग्र कनोडिया की क्रूर हत्या के दोषी तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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कुशाग्र हत्याकांड में कोर्ट ने उसकी ट्यूशन टीचर रचिता वत्स, उसके प्रेमी प्रभात शुक्ला और दोस्त आर्यन उर्फ शिवा गुप्ता को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई और कहा, तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए।
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यह घटना 30 अक्टूबर 2023 की है, जब कानपुर के एक स्कूल में कक्षा 10 के छात्र कुशाग्र स्वरूप नगर स्थित अपनी कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था।
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रास्ते में कुशाग्र की ट्यूशन टीचर रचिता वत्स के प्रेमी प्रभात शुक्ला ने गाड़ी खराब होने का बहाना बनाकर लिफ्ट मांगी और उसे ओम नगर स्थित इंद्र कुटी हाते में अपने घर ले गया।
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प्रभात ने कुशाग्र का गला नारियल की रस्सी से घोंट दिया, जबकि आर्यन बाहर पहरा दे रहा था। रचिता पास के कमरे में मौजूद थी और मोबाइल छीनने में शामिल थी। पूरी घटना 43 मिनट की सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई, जो कोर्ट में निर्णायक सबूत बनी।
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हत्या के बाद तीनों ने 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। प्रभात और आर्यन ने फिरौती का पत्र कुशाग्र के घर में फेंका, जो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुआ। पुलिस ने जांच में 600 पेज की चार्जशीट दाखिल की, 14 गवाह पेश किए, 240 पेज की जिरह हुई और 112 वस्तुएं बरामद कीं।
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कुशाग्र की मां सुनीता कनोडिया ने कोर्ट के बाहर रोते हुए कहा, "तीनों को फांसी होनी चाहिए। जैसे इन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा, वैसे ही इनका गला दबा देना चाहिए।"