1. Hindi News
  2. गैलरी
  3. देश
  4. सतुआ बाबा को किसने दी 3 करोड़ की कार? जानें कौन हैं माघ मेले में सुर्खियां बटोर रहे गाड़ी वाले बाबा

सतुआ बाबा को किसने दी 3 करोड़ की कार? जानें कौन हैं माघ मेले में सुर्खियां बटोर रहे गाड़ी वाले बाबा

Reported By: Imran Laeek, Edited By: Vinay Trivedi
Published : Jan 11, 2026 01:48 pm IST,  Updated : Jan 11, 2026 01:50 pm IST
प्रयागराज में संगम की धरती पर इन दिनों माघ मेला चल रहा है। माघ मेले में देश के कोने-कोने से साधु संत पहुंचे हैं। ‌माघ मेले में जहां साधु संतों के हाईटेक शिविर चर्चा का सबब बने हुए हैं। तो वहीं दूसरी ओर माघ मेले में साधु संतों के स्टाइल और उनकी लग्जरी गाड़ियां भी लोगों की बीच सुर्खियां बटोर रही हैं। हम बात कर रहे हैं माघ मेले में आए सबसे युवा संत सतुआ बाबा की।
1/7 Image Source : Reporters Input
प्रयागराज में संगम की धरती पर इन दिनों माघ मेला चल रहा है। माघ मेले में देश के कोने-कोने से साधु संत पहुंचे हैं। ‌माघ मेले में जहां साधु संतों के हाईटेक शिविर चर्चा का सबब बने हुए हैं। तो वहीं दूसरी ओर माघ मेले में साधु संतों के स्टाइल और उनकी लग्जरी गाड़ियां भी लोगों की बीच सुर्खियां बटोर रही हैं। हम बात कर रहे हैं माघ मेले में आए सबसे युवा संत सतुआ बाबा की।
काशी के पीठाधीश्वर जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा साधारण वेशभूषा में रहते हैं। लेकिन वह रे-बैन कंपनी का महंगा चश्मा आंखों पर लगाए रहते हैं। और चलने के लिए लैंड रोवर की डिफेंडर कार उनके पास मौजूद है।
2/7 Image Source : Reporters Input
काशी के पीठाधीश्वर जगतगुरु महामंडलेश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा साधारण वेशभूषा में रहते हैं। लेकिन वह रे-बैन कंपनी का महंगा चश्मा आंखों पर लगाए रहते हैं। और चलने के लिए लैंड रोवर की डिफेंडर कार उनके पास मौजूद है।
बताया जा रहा है कि माघ मेले में साधु संतों के पास मौजूद यह सबसे महंगी कार है। इस कार की कीमत दो करोड़ 85 लाख के करीब है। इसके रजिस्ट्रेशन शुल्क को मिला लें तो इस कार की कीमत 3 करोड़ से ऊपर होती हैं।
3/7 Image Source : Reporters Input
बताया जा रहा है कि माघ मेले में साधु संतों के पास मौजूद यह सबसे महंगी कार है। इस कार की कीमत दो करोड़ 85 लाख के करीब है। इसके रजिस्ट्रेशन शुल्क को मिला लें तो इस कार की कीमत 3 करोड़ से ऊपर होती हैं।
संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा की कार खाक चौक में उनके शिविर में खड़ी रहती है, जिसे देखने के लिए और इसके साथ सेल्फी लेने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इस कार का रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड के हरिद्वार आरटीओ से कराया गया है। हालांकि इस कार को लेकर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा कोई बयान नहीं दे रहे हैं। जब उनसे इस कार की कीमत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता है।
4/7 Image Source : Reporters Input
संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा की कार खाक चौक में उनके शिविर में खड़ी रहती है, जिसे देखने के लिए और इसके साथ सेल्फी लेने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इस कार का रजिस्ट्रेशन उत्तराखंड के हरिद्वार आरटीओ से कराया गया है। हालांकि इस कार को लेकर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा कोई बयान नहीं दे रहे हैं। जब उनसे इस कार की कीमत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता है।
संतोष दास उर्फ सतुवा बाबा पीले रंग के वस्त्र धारण किए रहते हैं। वह हर माघ मेला और कुंभ में भव्य पंडाल बनाकर कल्पवास करते हैं। वह UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर चुके हैं।
5/7 Image Source : Reporters Input
संतोष दास उर्फ सतुवा बाबा पीले रंग के वस्त्र धारण किए रहते हैं। वह हर माघ मेला और कुंभ में भव्य पंडाल बनाकर कल्पवास करते हैं। वह UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर चुके हैं।
सतुवा बाबा इस बार माघ मेले में जमीन आवंटन से नाराज होकर मेला प्राधिकरण के कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठे थे। बाद में मेला प्रशासन नें उनको जमीन देकर उनकी नाराजगी खत्म की थी।
6/7 Image Source : Reporters Input
सतुवा बाबा इस बार माघ मेले में जमीन आवंटन से नाराज होकर मेला प्राधिकरण के कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठे थे। बाद में मेला प्रशासन नें उनको जमीन देकर उनकी नाराजगी खत्म की थी।
इससे पहले भी कई साधु-संत अपने शौक के लिए महंगी चीजों का इस्तेमाल करके चर्चा में आ चुके हैं। लेटे हनुमान मंदिर के प्रबंधक और निरंजनी अखाड़े के श्री महंत रहे स्वामी आनंद गिरी भी महंगी कारों से चलते थे और अमेरिका से लैपटॉप और चश्मा मंगाकर इस्तेमाल करते थे।
7/7 Image Source : Reporters Input
इससे पहले भी कई साधु-संत अपने शौक के लिए महंगी चीजों का इस्तेमाल करके चर्चा में आ चुके हैं। लेटे हनुमान मंदिर के प्रबंधक और निरंजनी अखाड़े के श्री महंत रहे स्वामी आनंद गिरी भी महंगी कारों से चलते थे और अमेरिका से लैपटॉप और चश्मा मंगाकर इस्तेमाल करते थे।
Advertisement