आणंद जिले के उमरेठ विधानसभा के विधायक गोविंदसिंह परमार का निधन हो गया है। वह 82 साल के थे। पार्टी नेताओं के अनुसार, परमार बीमार थे और आनंद के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। भाजप जिला प्रमुख संजय पटेल के मुताबिक, विधायक घर पर थे तभी स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। राज्य बीजेपी अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा और मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल समेत कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है।
2017 में उमरेठ सीट से पहली बार बने थे विधायक
पार्टी नेताओं के अनुसार, परमार बीमार थे और आनंद के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहाँ उन्होंने आखिरी सांस ली। परमार 2017 के चुनावों में उमरेठ सीट से गुजरात विधानसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कपिलाबेन चावड़ा को 1,883 वोटों से हराकर सदन में अपना पहला कार्यकाल पक्का किया था। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर यह सीट बरकरार रखी। उन्होंने 95,639 वोट हासिल करके नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के जयंत पटेल को 26,717 वोटों से हराया। 2017 में परमार की जीत से पहले यह सीट बीजेपी के लिए मुश्किल माना जाता था।
सीएम पटेल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने जताया शोक
सीएम भूपेन्द्र पटेल और गुजरात बीजेपी अध्यक्ष और विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने परमार के निधन पर दुख जताया। विश्वकर्मा ने कहा, "उमरेठ के लोकप्रिय MLA गोविंदभाई परमार के दुखद निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। मैं प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और दुखी परिवार को यह दुख सहने की ताकत दें।" आनंद ज़िले और उमरेठ इलाके में पार्टी वर्कर्स ने उनके निधन पर दुख जताया और दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी। वहीं, विपक्षी नेताओं ने भी विधायक के निधन पर शोक जताया है। परमार के निधन के बाद उमरेठ खाली हो गई है।
रिपोर्ट- नचिकेत मेहता