ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले का आज एक महीने का वक्त पूरा हो चुका है। इधर, क्रूड ऑयल और एलपीजी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। ईरान ने भारत के तेल और एलपीजी लदे जहाजों को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज पार करने की इजाजत दे दी है। इससे भारत के लिए राहत की बात है। शुक्रवार की रात VADINAR में लंगर डालने के बाद एलपीजी टैंकर जहाज JAG VASANT से आज दोपहर 3 बजकर 45 पर MT ROSE में GAS ट्रांसफर करने का काम शुरू हो गया है।

बता दें कि भारतीय जग वसंत करीब 47000 टन LPG लेकर भारत पहुंचा है, जिसमें से 17000 टन गैस एमटी रोज में ट्रांसफर की जायेगी जो बाद में इसे कांडला पोर्ट लेकर जा सकता है .. जग वसंत इसके बाद किस पोर्ट पर जायेगा ये अभी तय नहीं हुआ है।

उसके अलावा सऊदी अरब के YANBO पोर्ट से ईडन की खाड़ी की पार करते हुए एलन नाम का एक और जहाज रविवार सुबह मुंद्रा पहुंच रहा है जो मुंद्रा में 28000 टन GAS खाली करके बची हुई 20000 टन LPG लेकर मैंगलोर पोर्ट पर रवाना हो जाएगा। वाडीनार में पहुंचे शिप के कप्तान कप्तान वीरेंद्र विश्वकर्मा हैं पर वो जहाज अभी बीच समुन्दर में है और ये जहाज आगे किस पोर्ट पर जाएगा ये अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए वो किनारे पर कब आएंगे ये अभी कहा नहीं जा सकता।

ईरान द्वारा भारत और चार अन्य "मित्र देशों" को संघर्ष के बीच अपने जहाजों को होर्मुज जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दिए जाने की घोषणा के बाद, भारत जा रहे दो और एलपीजी टैंकर शनिवार को संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे। नवीनतम शिपिंग आंकड़ों से पता चला है कि टैंकर, बीडब्ल्यू ईएलएम और बीडब्ल्यू टीवाईआर, उच्च जोखिम वाले गलियारे से गुजरे, जो युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावी रूप से बंद है, और अब ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे हैं।