गांधीनगर: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा 2015 में शुरू किए गए ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम के कारण दुनिया में भारत की स्थिति में बदलाव हुआ है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि 2026 तक देश की GDP में डिजिटल अर्थव्यवस्था का योगदान 20 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। चंद्रशेखर गुजरात सरकार द्वारा प्रदेश की राजधानी में हेलीपैड ग्राउंड में आयोजित ‘स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2023’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘डिजिटल अर्थव्यवस्था 2014 में GDP का लगभग 4.5 प्रतिशत थी और आज यह 11 प्रतिशत है।’
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‘पीएम मोदी के कार्यकाल में हुए हैं बड़े बदलाव’
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि 2026 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था भारतीय GDP का 20 प्रतिशत या पांचवां हिस्सा होगा। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम शुरू करने के समय निर्धारित लक्ष्यों और महत्वाकांक्षाओं ने गुणात्मक और मात्रात्मक रूप से हमारी अर्थव्यवस्था, हमारे इनोवेशन के माहौल और दुनिया में एक राष्ट्र के रूप में हमारी स्थिति को बदल दिया है। भारत की स्थिति लगभग 3 दशक तक प्रौद्योगिकी के उपभोक्ता से बदलकर दुनिया के लिए उपकरणों, उत्पादों और मंच निर्माता की हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में पिछले 9 साल के दौरान यह एक बड़ा बदलाव था।’
‘विविधता से भरी हो गई है हमारी अर्थव्यवस्था’
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हमारी अर्थव्यवस्था, जिसपर कभी कुछ खास सेगमेंट का वर्चस्व था, अब एक काफी विविधता वाली अर्थव्यवस्था बन गई है। भारत अब दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली डिजिटल अर्थव्यवस्था है। जिस स्वतंत्र भारत में हम रह रहे हैं, उसके इतिहास में यह सबसे रोमांचक समय है। यह भारत में इनोवेशन और टेक्नॉलजी सेक्टर के लिए अबतक का सबसे रोमांचक समय है। मैं यह कह रहा हूं कि 2014 में PM मोदी के पदभार संभालने के बाद से हमारे यहां इनोवेशन का माहौल और डिजिटल अर्थव्यवस्था कितनी आगे बढ़ गई है।’ चन्द्रशेखर ने कहा कि स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए सबसे अच्छा समय अभी आना बाकी है क्योंकि अगला दशक इन्हीं के लिए अवसरों का होगा। (भाषा)