सूरत शहर के उधना क्षेत्र में एक दिलदहलाने वाली घटना सामने आई है। नौवीं कक्षा के छात्र ने घर के नजदीक में स्थित एक बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, सूरत के उधना क्षेत्र में रहने वाले सुशील तिवारी एक निजी कंपनी में काम करते है। उनका 13 वर्षीय बेटा घर के पास स्थित स्कूल में कक्षा 9 में पढ़ता था। उसकी परीक्षा चल रही थी, इसलिए परिवार ने उसे पढ़ाई के लिए डांटा था। इसी बात का उसे बुरा लग गया और अपने घर के करीब 500 मीटर दूर स्थित शुभ रेसिडेंसी की 9वीं मंजिल पर आत्महत्या करने पहुंच गया।
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लोग मना करते रहे लेकिन दे दी जान
लोगों ने 9वीं मंजिल की रेलिंग पर बैठे छात्र को देखा भी और उसे रेलिंग से उतर ने के लिए कहा पर वह किसी की नहीं सुन रहा था। लोगों ने उसे बचाने की कोशिश भी की, लेकिन उससे पहले कि वे उसे बचा पाते उसने छलांग लगा दी। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। छात्र लिफ्ट से बिल्डिंग की छत पर जाते हुए सीसी टीवी कैमरे कैद भी हुआ है। इकलौते बेटे की मौत से परिवार में शोक फेल गया है। यह पूरी घटना चौंकाने वाली है।
छात्र की चल रही थी परीक्षाएं
छात्र अपने माता-पिता के साथ प्रभुनगर सोसाइटी में रहता था और उनका इकलौता बेटा था। वह नौवीं कक्षा में पढ़ता था और उसकी परीक्षाएं चल रही थीं, और उसी दिन उसका दूसरा पेपर था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, छात्र ने यह कदम अपने माता-पिता द्वारा पढ़ाई को लेकर डांटे जाने के बाद उठाया। पुलिस ने बताया कि पहले छात्र डांटने पर कई घंटों के लिए घर से बाहर चला जाता था, लेकिन इस बार वह मृत अवस्था में लौटा।
67 वर्षीय महिला ने किया सुसाइड
इससे पहले रांदेर इलाके में, 67 वर्षीय भानुबेन भवति सेलर ने भंडारीवास स्थित अपने घर में केरोसिन डालकर खुद को आग लगा ली। वह अपने बेटे और चार बेटियों के साथ रहती थीं। भानुबेन को चार साल पहले आंशिक लकवा मार गया था, जिससे उनका आधा शरीर निष्क्रिय हो गया था।
रिपोर्ट: शैलेष चांपानेरिया, सूरत