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सूरत के शख्स ने कहा- चंद्रयान लैंडर का डिजाइनर मैं हूं, पुलिस ने शुरू की दावे की जांच

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Aug 25, 2023 11:38 pm IST,  Updated : Aug 25, 2023 11:43 pm IST

सूरत के शख्स ने दावा किया है कि वह इसरो के साथ काम करने वाला एक वैज्ञानिक था और उसने चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर मॉड्यूल को डिजाइन किया था। यह जानकारी एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। शख्स के इस दावे की पुष्टि करने के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं।

चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग - India TV Hindi
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर सफल लैंडिंग Image Source : FILE PHOTO

गुजरात में सूरत पुलिस शहर के एक निवासी के इस दावे की जांच कर रही है कि वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के साथ काम करने वाला एक वैज्ञानिक था और उसने चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर मॉड्यूल को डिजाइन किया था। यह जानकारी एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) हेतल पटेल ने कहा कि नगर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने अपराध शाखा से इस दावे की पुष्टि करने के लिए जांच करने को कहा है, जो प्रथम दृष्टया झूठे हैं।

लैंडर के मूल डिजाइन में बदलाव का दावा

पटेल ने कहा कि मितुल त्रिवेदी विक्रम लैंडर के चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद से स्थानीय मीडिया को इंटरव्यू दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेदी इसरो वैज्ञानिक होने के अपने दावे का समर्थन करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश करने में विफल रहे। त्रिवेदी ने गुरुवार को कई मीडिया संस्थानों और समाचार चैनल से कहा कि उन्होंने चंद्रयान-3 के लैंडर को डिजाइन किया था। त्रिवेदी की ओर से किए गए दावे के मुताबिक, वह चंद्रयान-2 परियोजना का हिस्सा थे, इसरो ने उन्हें नवीनतम चंद्रमा मिशन पर भी काम करने के लिए आमंत्रित किया और उन्होंने लैंडर के मूल डिजाइन में कई बदलाव किए, यही कारण था कि यह सफलतापूर्वक चंद्रमा पर उतरा। हालांकि कुछ स्थानीय अखबारों ने शुक्रवार को उनके दावों की सत्यता पर सवाल उठाया। 

नासा के साथ काम करने का भी दावा

पटेल ने कहा कि त्रिवेदी को अपने दावों को साबित करने के लिए दस्तावेजों के साथ शुक्रवार को उनके कार्यालय में आने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा, "हालांकि उन्होंने यह साबित करने के लिए कोई दस्तावेज या सबूत पेश नहीं किया कि वह इसरो से जुड़े रहे हैं। हमारी जांच में यह पता चला कि वह बीकॉम डिग्री धारक हैं। जब उनसे वैज्ञानिक होने के दावे के बारे में पूछा गया, तो त्रिवेदी कहा कि वह एक फ्रीलांसर थे और उन्होंने इसरो के बेंगलुरु कार्यालय में चंद्रयान-3 के डिजाइन पर काम किया था। त्रिवेदी नासा के साथ काम करने का भी दावा करता है।" पटेल ने कहा, "हमारी प्रारंभिक जांच के मुताबिक, वह इसरो वैज्ञानिक नहीं हैं। आगे की जांच अपराध शाखा की ओर से की जाएगी और अगर वह झूठ बोलते पाए गए तो उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।"

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