गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल की अगुवाई में शुक्रवार को नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, जिसमें कुल 19 नए मंत्रियों ने शपथ लिया। एक दिन पहले यानी गुरुवार को सीएम भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, ताकि नई कैबिनेट का गठन हो सके। भूपेश पटेल के लिए यह बड़ा कदम पार्टी के भीतर बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इसमें सबसे बड़ी बात ये है कि इस कैबिनेट में हर्ष संघवी को डिप्टी सीएम बनाया गया है। सूरत से विधायक और राज्य के गृह राज्यमंत्री रहे हर्ष संघवी अब गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी के अंदर उनकी पकड़ और युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
जानिए कौन हैं हर्ष सांघवी?
गुजरात की राजनीति में तेजी से उभरे हर्ष संघवी को डिप्टी सीएम बनाया गया है यानी उनका कद अब और ऊंचा हो गया है। गृह राज्य मंत्री के तौर पर सख्त छवि बनाने वाले संघवी को लेकर यह भी अफवाह सुनने को मिल रही है कि अगर 2027 में गुजरात में भाजपा की वापसी हुई तो उन्हें सीएम का चेहरा भी बनाया जा सकता है। माजुरा विधायक हर्ष संघवी का उप-मुख्यमंत्री बनना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि है। उनका उदय सूरत जैसे शहरी, कॉर्पोरेट केंद्रों से मज़बूत जुड़ाव रखने वाले युवा, ऊर्जावान नेताओं को बढ़ावा देने की भाजपा की रणनीति का संकेत देता है, जो उन्हें गुजरात के भावी नेतृत्व में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में स्थापित करता है।
गुजरात मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल
गुजरात मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल, जहां मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया, ये एक अत्यंत महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है, जो 2021 से भाजपा की 'न दोहराने' की रणनीति की याद दिलाता है। इस 'रणनीतिक पुनर्निर्धारण' को न केवल गुजरात के लिए, जहां स्थानीय चुनाव नज़दीक हैं, बल्कि अन्य भाजपा शासित राज्यों और केंद्रीय नेतृत्व के लिए भी एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो समय-समय पर कायाकल्प कर, नए चेहरों को पुरस्कृत करने और सरकार में नई गतिशीलता लाकर सत्ता-विरोधी भावना का मुकाबला करने की दृढ़ प्रतिबद्धता का संकेत देता है।