1. Hindi News
  2. हरियाणा
  3. ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित टिप्पणी करने के लिए हरियाणा महिला आयोग ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को किया तलब

ऑपरेशन सिंदूर पर विवादित टिप्पणी करने के लिए हरियाणा महिला आयोग ने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को किया तलब

 Published : May 13, 2025 11:54 pm IST,  Updated : May 14, 2025 12:01 am IST

एक्स हैंडल पर अली खान महमूदाबाद सक्रिय रूप से सार्वजनिक बहसों में शामिल होते हैं, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर आलोचनाएं साझा करते हैं।

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया - India TV Hindi
हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया Image Source : INDIA TV

चंडीगढ़ः ऑपरेशन सिंदूर पर टिप्पणी करने के लिए हरियाणा महिला आयोग ने सोनीपति की एक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बुधवार को तलब किया है। अली खान महमूदाबाद पर कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के योगदान को कमतर आंकने और सोशल मीडिया पर ऑपरेशन को सांप्रदायिक मकसद से जोड़ने का आरोप लगाया गया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने महमूदाबाद को 14 मई को व्यक्तिगत रूप से आयोग में पेश होकर स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस जारी किया है।

यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के बयान की निंदा

हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में रहते हैं, हिंदुस्तान का खाना खाते हैं और हिंदुस्तान से तनख्वाह लेते हैं।वे यदि इसी देश की बेटियों पर अभद्र टिप्पणी करते हैं तो ये कैसे चलेगा। उन्होंने कहा कि सोनीपत की यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने बहुत ही शर्मनाक बात कही है। 

उन्होंने कहा कि संबंधित यूनिवर्सिटी को भी इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए कि उनके यहां किस तरह के प्रोफेसर हैं। एक ऐसा प्रोफेसर जो देश की बेटी विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी करते हैं। वह यूनिवर्सिटी में अन्य बेटियों पर पता नहीं किस किस तरह की टिप्पणियां करते होंगे।

आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोग ने हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 10(1)(एफ) और 10(1)(ए) के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए महमूदाबाद के बयानों पर स्वतः संज्ञान लिया है। 

नोटिस में छह प्रथम दृष्टया चिंताएं सूचीबद्ध की गई हैं

कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह सहित वर्दीधारी महिलाओं का अपमान; “नरसंहार” और “अमानवीयकरण” जैसे शब्दों के माध्यम से तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना, सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाइयों की निंदा, सांप्रदायिक अशांति को संभावित रूप से भड़काना, संविधान और भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन और शिक्षकों के लिए यूजीसी नैतिक आचरण विनियमों का उल्लंघन।

रिपोर्ट- उमंग श्योराण

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हरियाणा से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।