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क्या ऐसी निष्क्रिय जीवनशैली है जानलेवा कैंसर की वजह, जानें नई स्टडी का दावा और इसके कारण

कैंसर को लेकर हाल ही में एक स्टडी की गई। इस स्टडी के मुताबिक निष्किय जीवनशैली वाले लोगों को कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा रहता है।

India TV Lifestyle Desk India TV Lifestyle Desk
Updated on: June 25, 2020 13:12 IST
Cancer- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/YSKCANCER Cancer - कैंसर 

भारत सहित कई देशों में कई जानलेवा बीमारियां पैर पसार चुकी हैं। इन्हीं जानलेवा बीमारियों में से एक बीमारी कैंसर है। भारत में कैंसर का खतरा कितना बढ़ गया है इसका अंदाजा आप विश्व स्वास्थ्य संगठन के इंडिया कैंसर कंट्री प्रोफाइल 2020 से लगा सकते हैं। इस प्रोफाइल के मुताबिक साल 2018 में भारत में कैंसर के 10 लाख से भी ज्यादा मामले सामने आए थे। इसमें से 7 लाख मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस बारे में डॉक्टरों का कहना है कि भारत में गैर- संक्रामक बीमारियों में शामिल ह्रदय रोग से हटकर अब कैंसर की तरफ बढ़ रहा है। 

निष्क्रिय जीवन शैली है बड़ी वजह- स्टडी

इस जानलेवा बीमारी कैंसर को लेकर हाल ही में एक स्टडी की गई। इस स्टडी के मुताबिक लंबे वक्त तक बैठे रहना, सुस्त और निष्क्रिय जीवनशैली अपनाने से वजन बढ़ता है। अगर कोई व्यक्ति लंबे वक्त तक सुस्त और निष्क्रिय जीवनशैली अपनाता है तो कैंसर की वजह से उसकी मौत होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 

रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज बचा सकती है जान- स्टडी 
इस स्टडी के मुताबिक अगर व्यक्ति दिनभर सक्रिय रहता है और दिन में सिर्फ 30 मिनट की एक्सरसाइज करता है तो कैंसर से उसका बचाव हो सकता है। यानि कि अगर ऐसे व्यक्ति को कभी जीवन में कैंसर डायग्नोज भी होता है तो उसकी मृत्यु होने का खतरा 8 से 31 प्रतिशत कम हो जाएगा। 

जीवनशैली और कैंसर के बीच क्या लिंक है, इस पर की गई पहली स्टडी
कैंसर पर आधारित इस स्टडी को ऑन्कोलॉजी नाम की एक पत्रिका में हाल ही में प्रकाशित किया गया था। कैंसर को लेकर इस तरीके की ये पहली स्टडी है। इसमें अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ कैंसर स्थित एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर के अनुसंधान कार्यकर्ताओं ने जीवनशैली और कैंसर के बीच क्या लिंक है इसे जानने की कोशिश की। 

कैसे हुई ये स्टडी
कैंसर पर आधारित इस स्टडी में 8 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें 3 हजार 668 पुरुष शामिल थे जिन्हें कैंसर नहीं था। सभी प्रतिभागियों की उम्र करीब 69 साल के आसपास थी। साल 2009 से 2013 के बीच 7 दिन तक ऐक्स्लेरोमीटर पहनकर रखना था। ऐक्स्लेरोमीटर का मतलब है त्वरणमापी। कैंसर को लेकर ये पहली स्टडी थी जिसमें त्वरणमापी का इस्तेमाल किया गया। इससे पहले कैंसर पर आधारित जितने भी अध्ययन हुए थे उसमें प्रतिभागियों को अपनी दिनभर की गतिविधियों के बारे में खुद ही रिपोर्ट देनी होती थी। इस त्वरणमापी के जरिए अध्ययन में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। 5.3 साल के फॉलो-अप-पीरियड के बाद अनुसंधान कार्यकर्ताओं ने पाया कि स्टडी में शामिल 3 प्रतिशत प्रतिभागियों की कैंसर से मौत हो गई। 

कैंसर के प्रकार
कैंसर कई प्रकार का होता है। जानिए महिलाओं और पुरुषों में किस तरह के कैंसर का खतरा ज्यादा होता है।

पुरुष - मुंह, गला, फेफड़े, भोजन नली, पेट और पुरुष ग्रन्थी

महिला- मुंह, गला, ओवरी और स्तन 

Cancer

Cancer - कैंसर

कैंसर के कारण

  • धूम्रपान-सिगरेट या बीड़ी के सेवन से 
  • तम्‍बाकू, पान, सुपारी, पान मसालों और गुटकों के सेवन से 
  • शराब के ज्यादा सेवन से 
  • कुछ रसायन और दवाईयों से 
  • कम उम्र में यौन सम्‍बन्‍ध से 
  • लगातार घाव होना या कई बार एक ही जगह पर घाव बने रहने से 

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