भारत में दिवाली का त्यौहार बड़े जोश से मनाया जाता है। घर के अंदर लोग दीए जलाते हैं जिससे उनके घर के कोने-कोने में रौशनी भर जाए। वहीं, बहुत से लोगों को दिवाली के दिन पटाखे जलाना बड़ा पसंद होता है। लेकिन अगर आप भी इस दिवाली पटाखे जलाने के बारे में सोच रहे हैं, तो आपको कोई भी फैसला लेने से पहले कुछ नुकसान के बारे में जान लेना चाहिए। पटाखों की वजह से पर्यावरण में फैलने वाला धुआं आपकी सेहत को बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कैसे...
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत के कई राज्यों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है। पटाखे जलाने से आपके दिल और दिमाग की सेहत बुरी तरह से डैमेज हो सकती है। पटाखे जलाने से सल्फर, जिंक, कॉपर, सोडियम जैसे हानिकारक केमिकल्स हवा में फैल जाते हैं जो आपके लंग्ज को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकते हैं। इतना ही नहीं पटाखों की वजह से आपको सांस से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है।
पटाखों को जलाने के बाद हवा में रिलीज होने वाले केमिकल्स कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी का कारण भी बन सकते हैं। इसके अलावा आपको आंखों में दर्द जैसी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। पटाखे आपकी हार्ट हेल्थ के लिए भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। पटाखों से वायु प्रदूषण बढ़ता है जो ब्रेन स्ट्रोक जैसी खतरनाक बीमारी का मुख्य कारण बन सकता है।
अगर आप पटाखे जलाना ही चाहते हैं तो आपको रंगीन रौशनी करने वाले पटाखों की जगह ग्रीन पटाखे जलाने चाहिए। दिवाली मनाने के लिए आप दीए जला सकते हैं और लोगों को तोहफे में पौधे दे सकते हैं जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसान को कम किया जा सके। अगर आप इस तरह के साइड इफेक्ट्स से बचना चाहते हैं तो आपको दिवाली के बाद से कुछ दिनों तक मॉर्निंग वॉक नहीं करनी चाहिए।
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