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माइनस डिग्री में खुद को रखना चाहते हैं हेल्दी, तो मान लें स्वामी रामदेव की ये बातें

 Written By: Pankaj Kumar, Edited By: Ritu Raj
 Published : Jan 27, 2026 10:30 am IST,  Updated : Jan 27, 2026 10:30 am IST

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की दिलचस्पी ने ग्रीनलैंड को अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया जो ना सिर्फ अपने बर्फीले द्वीप के लिए बल्कि अपनी रहस्यमयी मनमोहक खूबसूरती के लिए भी जाना जाता है। लेकिन जो इस देश से हम भारतीयों को सीखने की जरुरत है वो ये कि जब ग्रीनलैंड में रहने वाले लोग माइनस 20 डिग्री में भी रोज 1 घंटा वर्कआउ

माइनस डिग्री में खुद को कैसे हेल्दी रखें- India TV Hindi
माइनस डिग्री में खुद को कैसे हेल्दी रखें

दुनिया की सबसे ठंडी जमीन चारों तरफ बर्फ नीले आसमान से टकराते ग्लेशियर। इस वक्त पूरी दुनिया की निगाहें जिस जगह पर टिकी हैं वो है ये 'ग्रीनलैंड'। आज ग्रीनलैंड सिर्फ अपनी खूबसूरती की वजह से नहीं बल्कि इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसके नीचे छुपा है 'दुनिया का कीमती खजाना' Rare Earth Minerals और आर्कटिक तरीके पर कंट्रोल देने वाली इसकी 'स्ट्रेटेजिक लोकेशन'। दुनिया ग्रीनलैंड की अहमियत जानती है लेकिन इन सब के बीच एक बात जो बहुत कम लोग जानते हैं वो ये कि ग्रीनलैंड सिर्फ नक्शे पर अकेला द्वीप नहीं है। ये जुड़ा है 'नॉर्डिक दुनिया के दिल से' जी हां 'डेनमार्क से'। 
 
ग्रीनलैंड डेनमार्क का Autonomous Region है। लेकिन आज भी डिफेंस फॉरेन अफेयर्स और वेलफेयर संभालता है और यही वजह है कि ग्रीनलैंड पर नॉर्डिक देशों की सोच, सिस्टम और लाइफ स्टाइल दिखाई देता है और तभी डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, स्वीडन की तरह यहां के लोग लंबी उम्र जीते हैं। अब जरा सोचिए जहां साल के ज्यादातर दिन टेम्परेचर माइनस में रहता हो। जहां 80 प्रतिशत जमीन बर्फ से ढकी हो वहां लोग बीमार ज्यादा होने चाहिए, लेकिन हकीकत उल्ट है। नॉर्डिक देशों के लोग एक्स्ट्रीम वेदर में भी खुद को फिट रखते हैं। क्योंकि डेनमार्क में लोग कार नहीं साइकिल से दफ्तर जाते हैं। फिनलैंड और नॉर्वे में लोग हफ्ते में Sauna बाथ और बर्फीले पानी में कोल्ड डिप लेते हैं। तो स्वीडन में लोग जंगलों में लंबी वॉक करते हैं..जिसे वो 'फॉरेस्ट बेदिंग' कहते हैं और ग्रीनलैंड में भले मौसम सख्त हो फिर भी '87% लोग रोज कम से कम एक घंटा फिजिकल एक्टिविटी करते ही करते हैं'। अच्छा इनकी प्लेट भी उतनी ही सिंपल है लोकल फिश, सी फूड, बेरी फ्रूट्स, लो प्रोसेस्ड फूड जिसकी वजह से डायबिटीज, हार्ट डिजीज और मोटापे का खतरा 30 से 40% तक घट जाता है। दरअसल सेहत जियोग्राफी नहीं देखती वो सिर्फ 'लाइफस्टाइल' देखती है। ऐसे में स्वामी रामदेव से जानेंगे कि माइनस डिग्री में कैसे खुद को हेल्दी रख सकते हैं। 

गॉल ब्लैडर में स्टोन की वजह

1.  मोटापा
2. विटामिन C की कमी
3. जंकफूड
4. पानी कम पीने से
 

क्या करें उपाय

वज़न कंट्रोल करें
नीबू, संतरा, पपीता, आंवला, अमरूद खाएं
पैकेज्ड फूड ना खाएं
रोज़ 3 लीटर पानी पीएं

किडनी में स्टोन की वजह

1. डिहाइड्रेशन
2. ज़्यादा नमक
3. ज़्यादा तनाव

क्या करें उपाय

पानी पीते रहें।
दिन में सिर्फ 2-4 ग्राम नमक खाएं।
मेडिटेशन करें।

किडनी को बचाने के लिए करें ये उपाय

वर्कआउट करें।
स्मोकिंग से बचें।
जंकफूड से बचें। 
सुबह नीम के पत्तों का 1 चम्मच रस पीएं।
शाम को पीपल के पत्तों का 1 चम्मच रस पीएं।

किडनी स्टोन में फायदेमंद

वजन कंट्रोल करें।
खूब पानी पीएं। 
ज्यादा पेनकिलर ना लें। 
खट्टी छाछ
कुलथ की दाल
कुलथ दाल का पानी
पत्थरचट्टा के पत्ते
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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