सर्दियों में शरीर को गर्म रखना बेहद जरूरी है। इस बार कई गुना ज्यादा सर्दी पड़ने वाली है। यानी ठंड से बचने के लिए इस बार तैयारी भी ज्यादा करनी पड़ेगी। ठंड बढ़ते ही ब्लड फ्लो स्लो होने लगता है और मसल्स-हड्डियों-जोड़ों की फ्लेक्सिबिलिटी घटती जाती है। एक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक विंटर में हर 10 में से 7 लोग जोड़ों के दर्द, जकड़न या फिर मसल स्ट्रेन से जूझते हैं और 40 की उम्र के बाद ये परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ती है समस्या- ठंड में लोग खाते तो ज्यादा हैं लेकिन पानी पीना भूल जाते हैं। प्यास कम लगती है और यही आदत शरीर को डिहाइड्रेट कर देती है। डिहाइड्रेशन से जॉइंट फ्लूड घटता है, जिससे हड्डियों का कुशन कम हो जाता है और यही वजह है कि घुटनों, कंधों और रीढ़ की हड्डी में दर्द महसूस होने लगता है। सर्द हवा की चुभन और पानी की कमी से जोड़ों में फ्रिक्शन बढ़ता है, मसल्स को जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स नहीं मिलते और ऐंठन-अकड़न बढ़ती है। हार्वर्ड हेल्थ स्टडी के मुताबिक लो टेम्परेचर बोन-डेंसिटी को धीरे-धीरे कम करता है यानी अगर सर्दियों में बॉडी को एक्टिव नहीं रखा गया तो दिसंबर-जनवरी में कमर, घुटनों और गर्दन के दर्द की शिकायतें बढ़ेंगी।
जॉइंट्स को हेल्दी कैसे बनाए रखें- आइए स्वामी रामदेव से जानते हैं कि सर्दियों में स्पाइन से लेकर शरीर के सारे जॉइंट्स को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? अगले तीन महीने तक स्पाइन की फ्लेक्सिबिलिटी को बनाए रखना, मसल्स की टाइटनेस दूर करना और शरीर की एनर्जी को बनाए रखना बेहद जरूरी है। जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म कपड़े पहनें, पानी ज्यादा पिएं, वर्कआउट करें और विटामिन डी जरूर लें।
आर्थराइटिस के लक्षण- जॉइंट्स में दर्द, जोड़ों में अकड़न, घुटनों में सूजन, स्किन लाल होना, आर्थराइटिस के लक्षण हो सकते हैं। अगर आप जोड़ों के दर्द से जूझ रहे हैं तो आपको अपने वजन को बढ़ने नहीं देना है, स्मोकिंग से बचना है और पॉश्चर सही रखना है। जोड़ों में दर्द होने पर प्रोसेस्ड फूड, ग्लूटेन फूड, अल्कोहल और ज्यादा चीनी-नमक का सेवन करने से परहेज करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।