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मच्छर भगाने की दवा, रूम फ्रेशनर और पेस्ट कंट्रोल, ज़िंदगी में कहां-कहां घुल रहा है कैमिकल का ज़हर, कैसे बचें?

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Aug 21, 2025 10:10 am IST,  Updated : Aug 21, 2025 10:10 am IST

Harmful Effects Of Chemical Poison: केमिकल सेहत पर बुरा असर डालते हैं। घरों में जाने अनजाने में हम सभी केमिकल के संपर्क में आते हैं। फिर चाहे मच्छर भगाने की दवा हो या घर को खुशबूदार बनाने वाले फ्रेशनर हर चीज में केमिकल है। जानिए इनसे कैसे बच सकते हैं।

घर में केमिकल से कैसे बचें- India TV Hindi
घर में केमिकल से कैसे बचें Image Source : FREEPIK

जिंदगी आसान बनाने के नाम पर कैमिकल की ये दुनिया हर किसी पर असर डाल रही है। घर हो, ऑफिस हो या बाजार हर जगह कैमिकल का जाल बिछा है। साफ-सफाई-खुशबू और चमक ये सब तो मिल रहा है, लेकिन इसके पीछे हमारी सेहत कीमत भी चुका रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक कोई भी सुरक्षित नहीं है। हम सब साफ-सफाई और फ्रेशनैस पर काफी ध्यान देते हैं।  घर हो या ऑफिस, हर जगह हमें मॉस्किटो रिपलैंट, टॉयलेट क्लीनर, रूम फ्रेशनर, हैंडवॉश, डिटरजेंट, बॉडी सोप-शैम्पू और पेस्ट कंट्रोल जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। और कोई शक नहीं कि ये चीजें हमारी जिंदगी को आसान और आरामदायक तो बनाती हैं, लेकिन ये हमें नहीं पता होता है कि इनमें छिपे कैमिकल्स हमारी सेहत पर कितना गहरा असर डालते हैं?

सफाई और सुगंध वाले केमिकल बना रहे हैं बीमार

अब रूम फ्रेशनर को ही ले लीजिए।  इनमें इस्तेमाल होने वाले 'फेथ-लेट्स' (Phthalate) और आर्टिफिशियल फ्रैगरेंस से एलर्जी, माइग्रेन और अस्थमा के अटैक ट्रिगर हो सकते हैं। वहीं 'मॉस्किटो रिपलैंट' में पाया जाने वाला 'डीट' (DEET) नाम का कैमिकल बच्चों और बुजुर्गों में स्किन एलर्जी देता है। लंबे समय तक इस्तेमाल से नर्वस सिस्टम पर असर डाल सकता है। वहीं लिक्विड हैंडवॉश और बॉडी सोप-शैम्पू में मौजूद 'S.L.S' यानी 'सोडियम लॉरिल सल्फेट' झाग तो ज्यादा बनाता है, लेकिन स्किन को ड्राई कर देता है और हार्मोनल प्रॉब्लम की वजह बन सकता है।

रूम फ्रेशनर और टॉयलेट क्लीनर से होने वाली बीमारी

टॉयलेट क्लीनर और डिटरजेंट में 'हार्श कैमिकल्स' होते हैं। अगर गलती से शरीर में चले जाएं तो पेट, लिवर और किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहां तक कि सिर्फ इनके धुएं को सांस के जरिए लेने से फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है। पेस्ट कंट्रोल स्प्रे में मौजूद 'ऑर्गेनो-फॉस्फेट्स' और 'कार्बा-मेट्स' सीधे हमारे नर्वस सिस्टम पर हमला करते हैं और इसीलिए पेस्ट कंट्रोल करवाने के बाद घर को कुछ घंटों तक खाली रखने की सलाह दी जाती है। 

खतरनाक केमिकल से कैसे बचें?

अब सवाल ये कि सफाई और खुशबू तो जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है हमारी सांसें और सेहत। ऐसे में आपको रोजान योग और व्यायाम जरूर करना चाहिए। खाने में हेल्दी चीजों को शामिल करें जिससे आप इन केमिकल के खतरे से बच सकें। जब भी केमिकल का इस्तेमाल हो नाक, मुंह और आंखों को जितना हो सके बंद रखें। डेली लाइफ में कम से कम केमिकल का इस्तेमाल करें। हाथों को बार-बार साबुन से न धोएं, हर्बल क्लीनर का इस्तेमाल करें, हर्बल साबुन और शैंपू इस्तेमाल करें। मच्छर भगाने के लिए नेचुरल तेल और गंध का उपयोग करें।

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