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कमजोर नसों से बढ़ रहा है मिनी अटैक का खतरा, दर्द और ऐंठन के अलावा शरीर में दिखते हैं ये हैं लक्षण

 Written By: Pankaj Kumar
 Published : Sep 13, 2024 10:33 am IST,  Updated : Sep 13, 2024 10:42 am IST

How To Make Nerves Strong: नसों की कमजोरी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। नसें कमजोर होने से शरीर में खून की सप्लाई प्रभावित होती है। जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कई बार मिनी स्ट्रोक किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है। जानिए मिनी स्ट्रोक के लक्षण और कैसे नसों को मजबूत बनाएं?

नसों को कैसे बनाएं मजबूत- India TV Hindi
नसों को कैसे बनाएं मजबूत Image Source : FREEPIK

किसी शख्स को अचानक से चक्कर आने लगे और कुछ बोलना चाह रहा हो, लेकिन बोलने में दिक्कत हो। अचानक से शरीर के एक हिस्से में सुन्न होने जैसा महसूस होने लगे। सब कुछ धुंधला दिखने लगे और चलने में दिक्कत आए। चेहरा लटकने लगे और शरीर में कमजोरी महसूस हो। फिर अचानक से ये सारे लक्षण गायब हो जाएं। जी हां ऐसा कई बार होता है जिसे लोग समझ नहीं पाते हैं। दरअसल ये मिनी अटैक होता है। ऐसे शॉर्ट वर्जन वाले अटैक अलर्ट करने के लिए होते हैं। ये सिग्नल होते हैं कि अगर इग्नोर किया तो जल्द ही जानलेवा स्ट्रोक आ सकता है। इसका कनेक्शन आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ा है। यानि नस-नाड़ी की सेहत को हल्के में लेना घातक है। ब्रेन तक प्रॉपर ब्लड फ्लो हो, स्ट्रोक, हार्ट अटैक और नसों से जुड़ी समस्या वैरिकोज वेन्स ना हो तो इसके लिए योग और व्यायाम सबसे ज्यादा जरूरी है। आइये स्वामी रामदेव से जानते हैं कैसे नसों को स्वस्थ और मजबूत बना सकते हैं?

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  • हार्ट की तरह काम करता है काफ मसल्स 
  • वेन्स का काम हार्टतक ब्लड पहुंचाना
  • ब्लड फ्लो में वाल्व का अहम रोल 
  • वाल्व कमजोर ब्लड फ्लो स्लो
  • वाल्व के पास खून जमना

मिनी अटैक के लक्षण

  • चक्कर आना
  • बोलने में दिक्कत
  • शरीर में सुन्नपन 
  • धुंधला दिखना

मिनी अटैक क्यों ? 

  • वर्कआउट की कमी 
  • बीपी-शुगर की बीमारी
  • एल्कोहल-स्मोकिंग करना
  • सही तरीके से नींद न लेना

वर्कआउट की कमी से नसों में कमजोरी 

  • ब्लड फ्लो की कमी
  • इससे हार्ट अटैक का खतरा
  • ओबेसिटी का खतरा
  • डायबिटीज का रिस्क
  • वैरिकोज वेन्स की समस्या

सर्कुलेटरी सिस्टम बिगड़ा तो बढ़ा खतरा

  • वैरिकोज़ वेन्स
  • हाई बीपी
  • ब्रेन स्ट्रोक
  • हार्ट अटैक

नसों की बीमारी की वजह

  • घंटों बैठकर काम
  • लगातार खड़े रहना 
  • बढ़ती उम्र 
  • मोटापा 
  • नो फिजि़कल एक्टिविटी
  • फैमिली हिस्ट्री
  • हार्मोनल चेंजेज

वैरिकोज़ वेन्स का इलाज 

  • कपिंग थेरेपी
  • लीच थेरेपी 
  • मिट्टी लेप 
  • रश्मि चिकित्सा

वैरिकोज़ में कारगर मिट्टी के लेप

  • मुल्तानी मिट्टी 
  • एलोवेरा
  • हल्दी
  • कपूर
  • नीम
  • गुग्गुल

 

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