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बच्चों में कैविटी होने से रोकने के लिए क्या उपाय करने चाहिए, दांतों को सड़न से बचाने का तरीका

 Written By: Ritu Raj
 Published : Mar 20, 2026 06:29 pm IST,  Updated : Mar 20, 2026 06:29 pm IST

दांतों की कैविटी बच्चों को काफी परेशान करती है। बच्चे बड़े चाव से मीठा खाते हैं और ब्रश करने में आनाकानी करते हैं, जिसकी वजह से दांतों में तेज दर्द और सूजन हो जाती है। ऐसे में बच्चों को कैविटी से बचाने के लिए आप कुछ आसान उपाय अपना सकते हैं।

बच्चों में कैविटी होने से रोकने के लिए क्या उपाय करने चाहिए- India TV Hindi
बच्चों में कैविटी होने से रोकने के लिए क्या उपाय करने चाहिए Image Source : FREEPIK

बच्चों के दांतों की देखभाल करना काफी मुश्किल होता है, खासकर तब जब उन्हें मीठा पसंद हो। दांतों की सड़न न केवल दर्दनाक होती है, बल्कि यह बच्चों के विकास और आत्मविश्वास को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में पेरेंट्स की ये जिम्मेदारी होती है कि बच्चों के दांतों की देखभाल की जाए। बच्चों में कैविटी और सड़न होने के कई कारण हो सकते हैं जिनमें सबसे कॉमन है मीठी चीजों का ज्यादा सेवन और दांतों में खाने का फंसा रहना। ऐसे में बच्चों में कैविटी और सड़न से बचाने के लिए डॉक्टर अमरिंदर ने बताए हैं कुछ आसान उपाय।

1. ब्रश करने की सही आदतें

दिन में दो बार ब्रश: सुबह उठने के बाद और रात को सोने से पहले ब्रश करना सबसे जरूरी है। रात का ब्रश सबसे जरूरी होता है क्योंकि सोते समय मुंह में लार कम बनती है, जिससे बैक्टीरिया ज्यादा सक्रिय होते हैं।

सही टूथपेस्ट: 2 साल से बड़े बच्चों के लिए फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। फ्लोराइड दांतों की ऊपरी परत को मजबूत बनाता है।

ब्रश बदलना: हर 3 महीने में या ब्रश के रेशे खराब होने पर उसे तुरंत बदल दें।

2. खान-पान में बदलाव

मीठे पर नियंत्रण: टॉफी, चॉकलेट, और चिपचिपी मिठाइयां दांतों में फंस जाती हैं और सड़न पैदा करती हैं। इन्हें बच्चों को कम से कम दें।

मीठे पेय पदार्थों से बचें: कोल्ड ड्रिंक, पैकेट बंद जूस और ज्यादा चीनी वाले दूध से बचें। अगर बच्चा जूस पीता है, तो उसे स्ट्रॉ से पीने को कहें ताकि जूस दांतों के सीधे संपर्क में न आए।

पानी का सेवन: खाने के बाद बच्चे को पानी से कुल्ला करने की आदत डालें ताकि खाने के कण निकल जाएं।

3. "बेबी बॉटल सिंड्रोम" से बचें

अक्सर पेरेंट्स छोटे बच्चों को दूध की बोतल मुंह में लगाकर सुला देते हैं। बोतल में मौजूद दूध की मिठास रात भर दांतों पर जमी रहती है, जिससे बहुत जल्दी कैविटी हो जाती है। सोते समय बोतल की जगह सादा पानी देने की कोशिश करें।

4. डेंटल चेकअप 

हर 6 महीने में डेंटिस्ट के पास जाएं और नियमित जांच करवाएं। 

पिट और फिशर सीलेंट: यह एक सुरक्षात्मक परत होती है जिसे डेंटिस्ट बच्चों के दाढ़ वाले दांतों पर लगाते हैं ताकि वहां खाना न फंसे।

फ्लोराइड वार्निश: डेंटिस्ट दांतों पर फ्लोराइड की एक परत लगा सकते हैं जो सड़न रोकने में बहुत प्रभावी होती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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