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World Epilepsy Day 2024: क्यों पड़ते हैं मिर्गी के दौरे? डॉक्टर से जानिए इसके लक्षण और बचाव के उपाय

 Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
 Published : Feb 12, 2024 12:02 pm IST,  Updated : Feb 12, 2024 12:07 pm IST

मिर्गी की बीमारी में लोगों का दिमाग संतुलन बिगड़ जाता है और लोगों को कभी भी दौरा पड़ सकता है। डॉ. विनित बंगा है बता रहे हैं कि आखिर मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है। इसके लक्षण क्या है और इसे कैसे ठीक किया जाए?

World Epilepsy Day- India TV Hindi
World Epilepsy Day Image Source : SOCIAL

एपिलेप्सी एक क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है जिसमें दिमाग का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ जाता है। दरअसल, मिर्गी आने पर दिमाग की एल्क्ट्रिकल एक्टिविटी खराब हो जाती है, जिससे लोगों को बार-बार दौरा पड़ता है। इस बीमारी में लोगों का दिमाग संतुलन बिगड़ जाता है और लोगों को कभी भी दौरा पड़ सकता है। बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के एसोसिएट डायरेक्टर और न्यूरोलॉजी हेड न्यूरो इंटरवेंशन डॉ. विनित बंगा है बता रहे हैं कि आखिर मिर्गी का दौरा क्यों पड़ता है। इसके लक्षण क्या है और इसे कैसे ठीक किया जाए?

दो प्रकार की होती है मिर्गी

आपको बता दें मिर्गी दो प्रकार की होती है। पहला है जनरलाइज्ड एपिलेप्सी जो बहुत ज़्यादा खतरनाक है। यह मरीज के पूरे दिमाग को प्रभावित करता है। दौरे के समय व्यक्ति का दिमागी संतुलन पूरी तरह से गड़बड़ा जाता है। इस कंडीशन में लोग अपने होश में नहीं होते हैं और उनका शरीर लड़खड़ाने लगता है। ये तब तक चलता रहता है जब तक की वो बेहोश न हो जाएँ। दूसरा है फोकल एपिलेप्सी, इसमें मरीज के कुछ बॉडी पार्ट्स प्रभावित होते हैं। इसका प्रभाव शरीर के किसी एक हिस्से पर देखने को मिल सकता है, जैसे चेहरे, हाथ या पैर पर।

मिर्गी के लक्षण

  1. बेहोशी आना
  2. गिर पड़ना
  3. हाथ-पांव में झटके आना
  4. मुँह में झटके आना 

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मिर्गी के कारण

मिर्गी कई कारणों से होती है। कुछ मामले आनुवंशिकी तो कुछ दिमाग में चोट लगने, संक्रमण या यहां तक कि विकास संबंधी विकारों की वजह से भी होता है। डॉक्टर की मानें तो हर व्यक्ति में एपिलेप्सी अलग-अलग तरह से और कारणों से ट्रिगर करती है। ऐसे में कई बार रोगियों में मिर्गी के सही कारणों का पता लगा पाना मुश्किल हो जाता है। दिमाग में गंभीर चोट लगने या चोट के निशान रह जाने पर भी लोगों को मिर्गी का दौरे पड़ने लगते है। साथ ही तनाव, नींद की कमी, नशीली दवाओं के सेवन और जेनेटिक कारणों से भी यह बीमारी ट्रिगर होती है। आपको बता दें मिर्गी किसी भी उम्र में हो सकती है।

मिर्गी ठीक करने के उपाय

मिर्गी एक जटिल न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, इसलिए ठीक करने के लिए डॉक्टर की बताई दवा समय पर और नियमित रूप से खाएं। साथ ही अपनी जीवनशैली को बेहतर करें। तनाव और चिंता कम करें। संतुलित आहार खाएं, शराब और नशीली चीजों से दूर रहें। कुछ केस में सर्जिकल हस्तक्षेप की ज़रूरत पड़ सकती है। वहीं मिर्गी से पीड़ित कई मरीज अगर इन सभी चीज़ों का ध्यान रखें तो एक बेहतर जीवन जी सकते हैं। 

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

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