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स्मार्ट सिटी परियोजना पर लगेगे 200 करोड़ रपये, इंदौर

 Written By: Bhasha
 Published : Jul 19, 2016 04:17 pm IST,  Updated : Jul 19, 2016 04:19 pm IST

मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में करीब 5,108 करोड़ रपये की स्मार्ट सिटी परियोजना पर काम जारी है और मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान केंद्र के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पर करीब 200 करोड़ रपये खर्च किये जा सकते हैं।

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इंदौर: मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में करीब 5,108 करोड़ रपये की स्मार्ट सिटी परियोजना पर काम जारी है और मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान केंद्र के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम पर करीब 200 करोड़ रपये खर्च किये जा सकते हैं। नगर निगम के आयुक्त मनीष सिंह ने आज पीटीआई भाषा को बताया, हमारा अनुमान है कि शहर में मौजूदा वित्त वर्ष में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज और पानी की रिसाइकलिंग की योजनाओं पर करीब 200 करोड़ रपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सड़क निर्माण काम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही, जलापूर्ति, सीवरेज और पानी की रिसाइकलिंग की योजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट डीपीआर बनानी शुरू हो गयी है। सब कुछ ठीक रहा, तो अगले दो महीनों में तीनों योजनाओें के टेंडर जारी कर दिये जायेंगे। 

सिंह ने बताया कि स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये स्थानीय प्रशासन को अब तक केंद्र और राज्य सरकार से करीब 248 करोड़ रपये की मदद मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने मौजूदा वित्त वर्ष के लिये अपने बजट में इस परियोजना के लिये 200 करोड़ रपये का प्रावधान किया है। यह राशि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली 100 करोड़ रपये की मदद से जुटायी जायेगी। स्मार्ट सिटी परियोजना के लिये शहर को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से महज 500 करोड़ रपये यानी कुल 1,000 करोड़ रपये की सहायता मिलनी है। ऐसे में जाहिर है कि करीब 5,108 करोड़ रपये के इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के लिये शेष पूंजी जुटाने की खातिर स्थानीय प्रशासन को अपने बूते खूब जोर लगाना पड़ेगा। 

इस बारे में पूछे जाने पर निगम आयुक्त ने कहा, शहर के पुराने क्षेत्रों को नये सिरे से विकसित करने के लिये हम सार्वजनिक निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल के आधार पर योजनाएं शुरू करेंगे और निजी कम्पनियों से प्रीमियम वसूलेंगे। इसके साथ ही, हम रिहायशी और व्यावसायिक उपयोग वाले भवनों का एफएआर :फ्लोर एशिया रेशो: बढ़ाकर इनके मालिकों को अतिरिक्त निर्माण की मंजूरी देंगे और इसके बदले उनसे प्रीमियम की वसूली की जायेगी। इंदौर, देश के उन पहले 20 शहरों में शामिल है जिन्हें केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण के लिये चुना गया था।

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