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71वें गणतंत्र दिवस की परेड में जलवा दिखाएंगे अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, झांकी में शामिल होगा राफेल

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 26, 2020 07:04 am IST,  Updated : Jan 26, 2020 11:17 am IST

यह खबर 71वें गणतंत्र दिवस की परेड शुरू होने से पहले लिखी गई थी। इस रिपोर्ट को गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर तैयार किया गया।

परेड में अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, राफेल लड़ाकू विमान भी शामिल होंगे।- India TV Hindi
परेड में अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, राफेल लड़ाकू विमान भी शामिल होंगे।

नई दिल्ली: भारतीय गणतंत्र का आज 71वां जश्न है और इस जश्न की पूरी पिक्चर बस अब से कुछ देर बाद आपके सामने होगी। 71वें गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार बहुत कुछ नया और विशेष है। इस बार की परेड में अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, राफेल लड़ाकू विमान, एंटी सेटेलाइट मिसाइल, एलसीएच हेलीकॉप्टर, K 9 वज्र तोप और धनुष गन सिस्टम शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा गणतंत्र दिवस के इतिहास में आज पहली बार प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति की जगह वॉर मेमोरियल जाएंगे।

अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर

राजपथ पर आज की परेड बेहद खास है। क्योंकि, पहली बार परेड में चिनूक और अपाचे हेलीकॉप्टर पेश होने वाले हैं। हिंदुस्तान के आसमान के ये दो सितारे, पहली बार गणतंत्र दिवस परेड की फ्लाई पास्ट में हिस्सा ले रहे हैं। अपाचे अटैक जबकि चिनूक ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर है। एडवांस मल्टी रोल कॉम्बेट हेलिकॉप्टर अपाचे हवा से हवा और हवा से जमीन पर अटैक का महारथी है। वहीं, राजपथ के ठीक ऊपर 3 चिनूक हेलिकॉप्टर विक्टरी फॉरमेशन में उड़ेंगे। ये हेलिकॉप्टर 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सौ मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। चिनूक 10 टन तक के वजन को उठाकर कहीं भी ले जा सकता है।

राफेल लड़ाकू विमान

राफेल देश के आसमान का नया सूरमा है। देश की सरहदों का ये नया सिपाही फ्रांस से आने ही वाला है। भारतीय पायलट राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं। लेकिन, 26 जनवरी की परेड में इस बार एयरफोर्स ने राफेल को झांकी के तौर पर शामिल किया है। राफेल विमान 300 किलोमीटर की रेंज से हवा से जमीन पर हमला करने में सक्षम है। राफेल की मारक क्षमता 3700 किलोमीटर तक है। इसकी गति 2,223 किलोमीटर प्रति घंटा है। एक बार में 24,500 किलो तक का वजन ले जा सकता है। ये विमान 60 घंटे की अतिरिक्त उड़ान भी भर सकता है।

एंटी सेटेलाइट मिसाइल

एंटी सैटेलाइट मिसाइल यानी एसेट, इस बार की परेड का सबसे बड़ा सामरिक हथियार होगा। पिछले साल 27 मार्च को डीआरडीओ ने एसेट का सफल टेस्ट किया था। एसेट 10 सेंटीमीटर की सटिकता के साथ दुश्मन की मिसाइल या फिर सेटेलाइट को हिट टू किल मोड पर नष्ट कर सकती है। एसेट के जरिए भारत अमेरिका, रूस, चीन के ऐसे एलीट क्लब में शामिल हो गया है जिसके पास अंतरिक्ष में युद्ध लड़ने की ताकत है। 

एलसीएच हेलीकॉप्टर

भारत का पहला स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर, एलसीएच भी वायुसेना की झांकी में शामिल होगा। ये अभी तक वायुसेना में शामिल नहीं हुआ है लेकिन गणतंत्र दिवस परेड की झांकी में शामिल कर वायुसेना ने साफ कर दिया है कि अब लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर भारतीय वायुसेना के जंगी बेड़े में शामिल होने जा रहा है। इस अटैक हेलीकॉप्टर को एचएएल ने तैयार किया है। 

K 9 वज्र तोप

K 9 वज्र तोप जब राजपथ पर गड़गड़ाते हुए आगे बढ़ेगी तो दुश्मन के दिल हिलने लगेंगे। पहली बार 26 जनवरी की परेड में शामिल ये तोप हाल ही में सेना में शामिल हुई है। K 9 वज्र 155 एमएम/52 कैलिबर, ट्रैक्ड, सेल्फ प्रोपेल्ड होवित्जर है। 40 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली ये तोप 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है।

धनुष गन सिस्टम

पहली बार देश में बनी तोप धनुष को दुनिया के सामने लाया जाएगा। 26 जनवरी की परेड में सेना इस तोप के जरिए अपनी नई ताकत दिखाएगी। ये गन साढे छत्तीस किलोमीटर दूर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बना सकती है। ये ऑटोमेटिक गन अलाइनमेंट और पोजिशनिंग में सक्षम है। दुश्मन को अचूक वार से गिराने की खूबियों से लैस धनुष को विशेष रूप से डिजायन किया गया है।

वॉर मेमोरियल जाएंगे प्रधानमंत्री

ये पहला मौका होगा जब गणतंत्र दिवस परेड से पहले प्रधानमंत्री मोदी अमर जवान ज्योति की जगह वॉर मेमोरियल जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि देंगे। इस दौरान तीनों सेना के प्रमुख और सीडीएस जनरल बिपिन रावत भी वहां मौजूद रहेंगे और वॉर मेमोरियल पर पुष्प चक्र चढाएंगे। पिछले साल 25 फरवरी को 44 एकड़ में फैला वॉर मेमोरियल देश को समर्पित किया गया था। 

कैप्टन तानिया शेरगिल

इस बार परेड की शान सेना की कैप्टन तानिया शेरगिल हैं। वह पहली महिला कैप्टन हैं जो अपनी बटालियन की मेल सैन्य टुकड़ी को लीड करेंगी। आर्मी के कार्प्‍स ऑफ सिग्‍नल्‍स की कैप्‍टन तान्‍या शेरगिल सिग्नल कोर में कैप्टन हैं। कैप्टन तानिया अपने परिवार की चौथी पीढ़ी की आर्मी ऑफिसर हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक तान्या को चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी से 2017 में कमीशन मिला था। तान्या की उपलब्धि इस लिहाज से मायने रखती है कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सेना में भर्ती होने का फैसला किया।

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