नई दिल्ली: उत्तराखंड के जंगलों में आग लगी है तो हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जंगल भी इससे अछूते नहीं हैं। हिमाचल प्रदेश में शिमला समेत राज्य के कई जिलों के पहाड़ी जंगल आग की चपेट में हैं। लगातार बेकाबू होती आग को काबू करने के लिए सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिया है। वहीं, पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर का दावा है कि उत्तराखंड की आग पर 2 दिन में काबू पा लिया जाएगा। आग लगाने के आऱोप में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
शांति और खूबसूरती के लिए जाना जाने वाला हिमाचल आज कल दहक रहा है। शिमला के जंगलों में भी आग ने भयानक रूप ले लिया है और आग लगातार फैलती ही जा रही है। पहाड़ों पर मौजूद जंगलों में लगी आग और उससे निकलता धुआं कई किलोमीटर दूर से ही देखा जा सकता है।
हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में जगल की आग फैल चुकी है। राज्य के शिमला, सिरमौर, सोलन, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, और मंडी जिलों के जंगलों में आग तेज़ी से फैली है। अकेले राजधानी शिमला में ही 14 जगहों में करीब 60 हेक्टेयर के जंगल में जबरदस्त आग फैली है। आग पर काबू पाने के लिए फायरब्रिगेड समेत स्थानीय प्रशासन के भी पसीने छूट रहे हैं। हिमाचल सरकार ने वन विभाग को आग पर काबू करने के लिए जल्द से जल्द हर संभव कदम उठाने को कहा है। साथ ही सरकार ने वन विभाग को पल पल की रिपोर्ट देने के निर्देश भी जारी किए हैं।
हिमाचल में जंगल की आग से 3000 हेक्टेयर में वनस्पतियां, वन्यजीव तबाह
हिमाचल प्रदेश में गर्मी के मौसम में घास के मैदानों और जंगलों में आग की 378 घटनएं हुई हैं। आग मुख्यत: निचली पहाड़ी इलाकों में लगी, जिससे 3000 हेक्टेयर में वनस्पतियां और वन्यजीव तबाह हो गए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एस.पी. वासुदेव ने कहा, "जंगल में आग की घटनाओं की मुख्य वजह अचानक तापमान में वृद्धि और सूखे की लंबी पारी है। अधिकांश आग की घटनाएं शिवालिक क्षेत्र में स्थित बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में हुई हैं, जिनमें अधिकांश जमीनी आग हैं।"
जम्मू-कश्मीर तक पहुंचे आग के शोले
उत्तराखंड और हिमाचल की तरह जंगलो से आग की लपटें जम्मू-कश्मीर में भी दिखने लगी हैं। राजौरी के जंगलों में आग लगी हुई है। पेड़ झाड़ियां जलकर खाक हो रही हैं और अभी तक ना तो फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची है ना ही कोई रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ है। आलम ये है कि इलाके के लोग खुद ही आग बुझाने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं।
उधर हिमाचल सरकार ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की है। साथ ही उत्तराखंड में फैली आग से सबक लेकर सेटेलाइट की मदद लेने का फैसला भी हिमाचल सरकार की तरफ से किया गया है जिससे जंगल के किसी भी कोने में आग लगते ही उसकी जानकारी तुंरत मिल सके और आग से निपटने के उपाय भी तुरंत किए जा सकें।