नई दिल्ली: अमरनाथ यात्रा पर आतंकी साया मंडरा रहा है। खतरे की आशंका के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने 38 संवेदनशील जगहों की पहचान की है जिन पर नजर रखने के लिए चार कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। पवित्र गुफा की सुरक्षा पांच लेयर की, जबकि पूरे रूट की सुरक्षा व्यवस्था चार लेयर की बनाई गई है जबकि सेना के जवान पड़ाहों से आतंकियों की हलचल और घुसपैठ पर नजर रखेंगे।
आज से पंद्रह दिन बाद बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे निकल पड़ेगें लेकिन हर बार की तरह इस बार भी इस पवित्र गुफा की यात्रा पर जाने वालो लोगों सीमापार से आतंकियों नापाक नजर है। आशंका है कि आतंकी यात्रा के दौरान किसी बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं खासकर हिजबुल की धमकी के नए वीडियो से ये आशंका और मजबूत हुई है। ऐसे में गृह मंत्रालय की पैनी नजर इस यात्रा पर बनी हुई है और बैठकों का दौर चल रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को अमरनाथ यात्रा फुल प्रुफ बनाने के नए निर्देश जारी किए गए हैं।
फुल प्रूफ सुरक्षा व्यवस्था, चप्पे-चप्पे पर रहेंगे सुरक्षाकर्मी
- पवित्र गुफा की सुरक्षा व्यवस्था 5 स्तरों में
- पूरे रूट की सुरक्षा व्यवस्था 4 स्तरों में
- पड़ाहों से आतंकियों की मूवमेंट-घुसपैठ पर नजर
- पूरे रूट पर 85 कंपनी पारा मिलिट्री फोर्स की तैनाती
- बीएसएफ को चढ़ाई और हाईवे पर नजर रखने की जिम्मेदारी
- सीआरपीएफ के जवान कैंप, पार्किंग, लंगर नजर रखेंगे
- जम्मू-कश्मीर पुलिस के भी हजारों जवान सुरक्षा व्यवस्था में
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सेना का 'चक्रव्यूह'
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को एजेंसियों ने पूरे रूट पर 38 संवेदनशील जगहों की पहचान की है। इन संवेदनशील जगहों पर खास नजर रखने के लिए चार कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। ये कंट्रोल रूम दामली-बालटाल रुट, गांदरबल-चंदनवाड़ी रुट, पहलगाम और अनंतनाग में बनाए गए हैं कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम करेगा।
अमरनाथ यात्रा के पूरे रूट पर संचार नेटवर्क को दुरुस्त किया गया है साथ ही किसी तरह के सांप्रदायिक दंगे से निपटने के लिए स्पेशल टीम बनाए गए हैं। पार्किंग एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं रूट में पड़ने वाले केसर के खेतों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर रहेगी। साफ है कि सरकार ने सुरक्षा की ऐसी व्यव्सथा की है कि जहां भक्त बेखौफ होकर भगवान का दर्शन कर सकते हैं।
देखिए वीडियो-