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CM ममता बनर्जी ने ‘अम्फान’ को बताया कोरोना से बड़ी त्रासदी, कहा- 10 से 12 लोगों की हुई मौत

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 20, 2020 09:46 pm IST,  Updated : May 21, 2020 12:07 am IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के कारण 10 से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना और यहां तक की कोलकाता भी तबाह हो चुका है।

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CM ममता बनर्जी ने ‘अम्फान’ को बताया कोरोना से बड़ी त्रासदी, कहा- 10 से 12 लोगों की हुई मौत Image Source : PTI

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ के कारण 10 से 12 लोगों की मौत हो चुकी है। नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना और यहां तक की कोलकाता भी तबाह हो चुका है। उन्होंने कहा कि हमारे सचिवालय को भी भारी नुकसान पहुंचा और अधिकांश स्थानों पर संचार को क्षति पहुंची है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ को कोरोना वायरस महामारी से भी बड़ी त्रासदी बताया है।

बनर्जी ने कहा कि यह कोविड-19 से भी बड़ी त्रासदी है। कृपया राजनीति को भूल जाएं और हमें लोगों की मदद करने दें। उन्होंने सामाजिक संगठनों से भी मदद करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यह नुकसान सैकड़ों करोड़ का है। मुझे इस प्राकृतिक आपदा को देखकर दुख हुआ। हम केंद्र सरकार से अनुरोध करेंगे कि इसे राजनीति के नजरिए से न देखें बल्कि कोशिश करें और हमारी मदद करें।

उन्होंने लोगों से बिजली के तार न छूने और राहत शिवरों से बाहर न निकले का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं सभी से निवेदन करूंगी कि वह लाइव वायर को न छूएं। राहत शिविरों को अभी न छोड़ें। यह सुरक्षित नहीं है।" वहीं, आपको बता दें कि चक्रवात बुधवार दोपहर में करीब ढाई बजे पश्चिम बंगाल में दीघा और बांग्लादेश में हटिया द्वीप के बीच तट पर पहुंचा। चक्रवात के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी तबाही हुयी।

अधिकारियों के अनुसार चक्रवात आने से पहले पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कम से कम 6.58 लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल तट पर पहुचने के समय चक्रवात के केंद्र के पास हवा की गति 160-170 किमी प्रति घंटे थी। एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा और उत्तरी 24 परगना जिले में पेड़ उखड़ने से दो महिलाओं की मौत हो गई।

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक एस एन प्रधान ने नयी दिल्ली में कहा कि ओडिशा में 20 टीमों को तैनात कर दिया गया है जबकि पश्चिम बंगाल में 19 टीमों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में एनडीआरएफ की टीमों ने सड़कों को साफ करने का अभियान शुरू कर दिया है। वहीं पश्चिम बंगाल में तैनात टीमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब पांच लाख लोगों को और ओडिशा में करीब 1.58 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। टीवी फुटेज में दीघा तट पर समुद्र की काफी ऊंची लहरें दिख रही हैं। भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया वहीं कच्चे मकान गिर गए या क्षतिग्रस्त हो गए। भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने प्रधान के साथ मीडिया को संयुक्त रूप से संबोधित किया। 

उन्होंने कहा कि उत्तरी 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर जिलों में 160-170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। हवाओं की गति बढ़कर 185 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। उन्होंने कहा कि चक्रवात का सबसे घातक हिस्सा तट पर पहुंचा गया है जिससे तीनों जिलों में भारी बारिश हुई। तूफान के केंद्र का व्यास 30 किमी का था। कोलकाता में उत्तरी और दक्षिणी 24 परगना तथा पूर्वी मिदनापुर से आने वाली खबरों में कहा गया है कि खपरैल मकानों के ऊपरी हिस्से तेज हवाओं में उड़ गए।

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