पटना: बिहार में बहुचर्चित टॉपर्स घोटाले से राज्य की बदनामी के बाद सरकार शिक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में जुट गई है। राज्य सरकार ने शैक्षिक गतिविधियों में सुधार के लिए अब विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के सभी शिक्षकों को न्यूनतम 5 घंटे अपने संस्थान में उपस्थित रहना अनिवार्य कर दिया है। बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद ने विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति की हैसियत से शुक्रवार को इस संबंध में एक आदेश जारी किया।
राजभवन सचिवालय ने शनिवार को बताया कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को जारी इस पत्र में सभी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे विश्वविद्यालय और कॉलेज में प्रत्येक कार्य दिवस पर अनिवार्य रूप से पांच घंटे उपस्थित रहें।
राजभवन की ओर से जारी आदेश में सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार (कुलसचिव) को विश्वविद्यालय और कॉलेज से बिना सूचना के गायब रहनेवाले शिक्षकांे की सूची राजभवन और शिक्षा विभाग में भेजने का निर्देश दिया गया है। आदेश में विश्वविद्यालय और कॉलेज शिक्षकों की उपस्थिति के संबंध में कानूनों का ब्यौरा भी दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि कुलाधिपति ने 18 जनवरी और 14 मई को कुलपतियों के साथ बैठक में उन्हें निर्देश दिया था कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में हर कार्यदिवस पर शिक्षक कम से कम पांच घंटे उपस्थित रहें।