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अमरिंदर सिंह की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव, खुद को आइसोलेशन से बाहर किया

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 05, 2020 05:37 pm IST,  Updated : Sep 05, 2020 05:37 pm IST

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अपने कोरोना वायरस टेस्ट के नेगेटिव आने के बाद अपने सप्ताह भर के सेल्फ आइसोलेशन को समाप्त कर दिया।

Capt Amrinder Singh Coronavirus report found negative- India TV Hindi
Capt Amrinder Singh Coronavirus report found negative Image Source : PTI

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को अपने कोरोना वायरस टेस्ट के नेगेटिव आने के बाद अपने सप्ताह भर के सेल्फ आइसोलेशन को समाप्त कर दिया। मुख्यमंत्री ने दो विधायकों के संपर्क में आने के बाद खुद को अलग कर लिया था, जिनका टेस्ट पॉजिटिव आया था। अमरिंदर सिंह 28 अगस्त को सदन के एक दिवसीय सत्र के दौरान विधानसभा में विधायकों के संपर्क में आए थे। कैप्टन अमरिंदर ने मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें बातचीत के दौरान उन्होनें बताया किया कि उनका आज कोरोना वायरस टेस्ट का नतीजा नेगेटिव आया है। यह तीसरी बार है जब कोरोना महामारी के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद का कोरोनो वायरस टेस्ट करवाया है।

पंजाब सरकार ने कोविड-19 मरीजों के घर के बाहर से पोस्टर हटाने का फैसला किया

पंजाब में घर पर पृथक-वास में रहने वाले कोविड-19 के मरीजों को अपने मकान के प्रवेश द्वार पर लगे पोस्टर के कारण अब सामाजिक तौर पर अलगाव या लांछन का सामना नहीं करना पड़ेगा। महामारी से जुड़े लांछन को दूर करने की दिशा में कदम उठाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कोविड-19 के मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने के अपनी सरकार के फैसले को रद्द कर दिया। राज्य सरकार के पूर्व के फैसले के तहत पृथक-वास में रह रहे मरीजों के घरों पर पोस्टर लगाए जाते थे। 

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में सिंह ने कहा कि पहले से लगाए गए पोस्टरों को हटाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम का मकसद संक्रमित मरीजों के घर के दरवाजे पर ऐसे पोस्टर लगाने के कारण समाज में अलग-थलग पड़ने की भावना को दूर करना है। उन्होंने लोगों से लोगों की जांच के लिए भी आगे आने की अपील की। सिंह ने कहा कि इन पोस्टरों के कारण मरीजों की मनोदशा पर असर पड़ रहा था। इस पोस्टर को लगाने का उद्देश्य था कि आस-पड़ोस के लोग सावधानी बरतें लेकिन यह उद्देश्य पूरा नहीं हो पाया। 

उन्होंने कहा कि इन पोस्टरों के कारण लोग जांच कराने से कतराने लगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोस्टर लगाए जाने से सामाजिक तौर पर अलगाव की भावना भी पैदा हुई और मरीजों को लेकर भी लोगों के मन में अलग नजरिया पैदा हो गया। सिंह ने कहा कि समाज को मरीजों और उनके परिवारों का समर्थन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पोस्टर हटाए जाने के बावजूद लोगों से सभी एहतियाती कदम उठाने और पृथक-वास के संबंध में सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन आपदा प्रबंधन कानून, महामारी कानून और आईपीसी के तहत दंडनीय अपराध होगा।

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