
सच्चे मित्र की पहचान
आचार्य चाणक्य नें सच्चे मित्र के बारें में अपनी एक नीति में बताया है कि किस समय आप एक सच्चे मित्र की पहचान लगा सकते है क्योकि वैसे तो हर व्यक्ति अपने के सच्चा मित्र कहता है लेकिन वक्त आने में सिर्फ सच्चा मित्र ही दिखाई देता है। जब कोई व्यक्ति किसी भयंकर बीमारी से पीडि़त होता है और उस समय जो लोग साथ खड़े हो वो ही उसके सच्चे हितैषी है। या फिर जब आपके जीवन में कोई भयंकर दुख या किसी मुकादमे, कोर्ट केस में फंस जाए, उस समय जो इंसान गवाह के रूप में आपके साथ हो बस लेना कि वही आपका सच्चा मित्र है।
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चाणक्य नीति: गलत समय में पानी पीना विष के समान
नई दिल्ली: कहा जाता है कि पानी अमृत के समान होता है अगर कोई व्यक्ति प्यासा मर रहा हो और उसे दो बूंद भी पानी मिल जाए तो वो फिर से जी उठेगा। लेकिन कुछ
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