महाराष्ट्र में ओबीसी वर्ग के लिए नॉन-क्रीमी लेयर की सीमा 15 लाख रुपये की जा सकती है। ओबीसी उपसमिति ने इस बात की सिफारिश की है। बता दें कि महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में उपसमिति की मंगलवार को मंत्रालय में बैठक हुई थी। अब इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ भी बैठक होगी। जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र की 43 अन्य जातियों को ओबीसी वर्ग में शामिल करने के लिए भी केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। ये प्रस्ताव राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भेजा गया है।
चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में बैठक
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को महसूल मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में मंत्रालय में ओबीसी मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक हुई। बैठक में अन्न एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबळ, वन मंत्री गणेश नाईक, जलापूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील, मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठोड, अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण एवं डेयरी विकास मंत्री अतुल सावे तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभिन्न तकनीकी और नीतिगत मुद्दों की समीक्षा की गई।
इन मामलों को लेकर हुई चर्चा
इस बैठक में उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार जाति सत्यापन समितियों के लंबित मामलों का निपटारा करना, ओबीसी छात्रों की शैक्षणिक छूट, विभिन्न महामंडलों में नियुक्तियों के मुद्दों को प्राथमिकता से हल करना, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को मजबूत करना, उपनिदेशक और सहायक निदेशक को वाहन खरीदने की अनुमति, वर्तमान में शिविरों के आयोजन के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र वितरण जारी रखना, जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर केवल योग्य और पात्र व्यक्तियों को ही प्रमाणपत्र देने की सिफारिश, तथा गलत लोगों को प्रमाणपत्र न दिए जाएं। ऐसे आदेश जारी करने की सिफारिश की गई।
भाजपा को हो सकता है फायदा
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में ओबीसी बड़े पैमाने पर हैं। ऐसे में 43 नई जातियों को ओबीसी में शामिल करने से भाजपा के वोट बैंक में इजाफा हो सकता है। साथ ही मराठा आरक्षण के नेता मनोज जरांगे पाटिल एक बार फिर आरक्षण की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में ओबीसी की 43 जातियों को शामिल करने और नॉन क्रीमी लेयर की आय की सीमा 8 लाख से 15 लाख रुपये करने से ओबीसी समाज के छात्रों को काफी बड़ा फायदा मिल सकता है। ऐसे में महाराष्ट्र में मराठा बनाम ओबीसी की आरक्षण की लड़ाई में ओबीसी समाज भाजपा के साथ खड़ा दिखाई दे सकता है।
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